जावरा के एक ही परिवार के तीन लोगों पर अमानत में खयानत का मामला दर्ज, माणकचौक पुलिस ने शुरू की जांच।
रतलाम। शादी समारोह में पहनने के लिए परिचित परिवार को दिए गए करीब 55 तोला सोने के आभूषण वापस नहीं लौटाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विवाह कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जेवर वापस मांगने पर संबंधित परिवार द्वारा लंबे समय तक टालमटोल की जाती रही। करीब आठ वर्ष पुराने मामले में अब माणकचौक थाना पुलिस ने जावरा निवासी एक परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। ग्रुप मे शामिल हो कर देखिए खबर 👎
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पुलिस के अनुसार मामले में अपराध क्रमांक 453/2026 के तहत धारा 406 भादवि में प्रकरण दर्ज किया गया है। शिकायत में घटना का समय 25 अप्रैल 2018 से 30 अप्रैल 2018 के बीच बताया गया है, जबकि पुलिस ने शिकायत के आधार पर 25 अगस्त 2026 की रात 8.50 बजे FIR दर्ज की।
शादी में पहनने के लिए दिए थे आभूषण
फरियादी अनिल संघवी पिता शांतिलाल संघवी (65), निवासी धानमंडी रतलाम, वर्तमान निवासी इंदौर, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका परिचय जावरा स्थित नीली कोठी पैलेस निवासी नाहर परिवार से था।
शिकायत के मुताबिक विजय नाहर पिता कनकमल नाहर, उनकी पत्नी मोनिका विजय नाहर और पुत्र मलय विजय नाहर ने एक विवाह समारोह में पहनने के लिए उनकी पत्नी के सोने के आभूषण अस्थायी तौर पर लिए थे। फरियादी के अनुसार इन आभूषणों का कुल वजन करीब 55 तोला था। आरोप है कि विवाह समारोह समाप्त होने के बाद आभूषण वापस करने की बात कही गई थी और इसी भरोसे पर जेवर दिए गए थे।
बार-बार मांगने के बावजूद नहीं लौटाने का आरोप
फरियादी का आरोप है कि शादी कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब आभूषण वापस मांगे गए तो आरोपी पक्ष द्वारा उन्हें लौटाने में लगातार टालमटोल की गई। कई बार मांग किए जाने के बावजूद आभूषण वापस नहीं मिलने पर फरियादी ने लंबे समय तक मामला सुलझने का इंतजार किया। अंततः उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
आठ साल बाद पुलिस में पहुंचा मामला
मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि घटना वर्ष 2018 की बताई गई है, जबकि पुलिस में शिकायत अगस्त 2026 में दर्ज कराई गई। यानी करीब आठ वर्ष बाद मामला आपराधिक प्रकरण के रूप में पुलिस के सामने आया है। ताज़ा ख़बर के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें 👇
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पुराने मामले को देखते हुए पुलिस अब यह जांच करेगी कि आभूषण किन परिस्थितियों में दिए गए थे, उन्हें वापस करने को लेकर क्या सहमति हुई थी और बाद में उन्हें वापस क्यों नहीं किया गया। इसके साथ ही आभूषणों से संबंधित बिल, दस्तावेज, फोटो अथवा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जाएगी।
बयान और दस्तावेजों की होगी जांच
FIR दर्ज होने के बाद माणकचौक पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। जांच के दौरान फरियादी और आरोपी पक्ष के बयान लिए जाएंगे। पुलिस आभूषणों के स्वामित्व, उन्हें सौंपे जाने और वापसी से संबंधित उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच करेगी।
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धारा 406 के तहत दर्ज यह मामला आपराधिक विश्वासघात से संबंधित है। हालांकि, FIR दर्ज होना आरोप सिद्ध होने के बराबर नहीं है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में ही निर्धारित होगी।
सोने के बढ़ते भाव के बीच मामला चर्चा में
करीब 55 तोला सोने के आभूषणों से जुड़ा यह मामला रतलाम-जावरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना पुरानी होने के साथ-साथ लंबे अंतराल के बाद FIR दर्ज होने से भी मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगा कि आभूषण किन परिस्थितियों में दिए गए थे और उन्हें वापस नहीं किए जाने के पीछे वास्तविक स्थिति क्या रही।
नारद न्यूज़ 24 की ओर से स्पष्ट: यह समाचार पुलिस में दर्ज शिकायत और FIR में बताए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है तथा FIR में नामजद व्यक्तियों को दोषी साबित नहीं माना जा सकता।


