रतलाम। बजरंग नगर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमांक-1 में करीब 50 बच्चों की पढ़ाई और स्कूल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मंगलवार को स्कूल में सुबह सवा 10 बजे से 11 बजे तक शिक्षक की अनुपस्थिति सामने आने का दावा किया गया। इस दौरान पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चे स्कूल में मौजूद थे, जबकि उन्हें संभालने की जिम्मेदारी स्कूल में काम करने वाली महिला के भरोसे दिखाई दी।

मौके पर मौजूद स्थिति के वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें पांच कक्षाओं के बच्चों के एक ही छोटे कमरे में बैठे होने की तस्वीर दिखाई दे रही है।
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वैकल्पिक शिक्षिका की ड्यूटी, फिर भी देर से पहुंचीं
जानकारी के अनुसार स्कूल में पदस्थ शिक्षिका सुनीता दंडोतिया अवकाश पर थीं। उनके स्थान पर दिलीपनगर स्कूल की शिक्षिका अनिता जायसवाल की वैकल्पिक ड्यूटी लगाई गई थी।
लेकिन आरोप है कि निर्धारित समय तक शिक्षिका स्कूल नहीं पहुंचीं। करीब 11 बजे उनके पहुंचने की बात सामने आई। कुछ देर बाद उनके स्कूल से निकल जाने को लेकर भी सवाल उठे।

मामले में जनशिक्षक का कहना है कि वैकल्पिक ड्यूटी पर लगाई गई शिक्षिका को समय पर स्कूल पहुंचना चाहिए था और उनसे देरी तथा जल्दी जाने के संबंध में बात की जाएगी।
पत्रकार पहुंचे तो फोन और छुट्टी का मैसेज?

मामले को लेकर एक और आरोप सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार जब पत्रकार स्कूल पहुंचे तो स्कूल में मौजूद महिला ने संबंधित शिक्षिका को फोन किया। इसके बाद शिक्षिका के स्कूल से कुछ दूरी पर पहुंचने और बाद में छुट्टी संबंधी मैसेज डालने की बात कही जा रही है।
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इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। वहीं शिक्षिका की गुस्से में सफाई देती हुई बाइट भी आपके पास मौजूद है, जिसे खबर में आरोपों के जवाब के रूप में शामिल किया जा सकता है।
बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी किसकी?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से स्कूल की व्यवस्था काफी हद तक स्कूल में काम करने वाली महिला के भरोसे चल रही है।
यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि सरकारी स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति है और वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था भी की गई है, तो बच्चों की पढ़ाई और स्कूल संचालन की जिम्मेदारी किसी गैर-शिक्षकीय व्यक्ति के भरोसे क्यों दिखाई दे रही है?

हालांकि संबंधित महिला की शैक्षणिक योग्यता और उसकी भूमिका को लेकर किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि शिक्षा विभाग से होना आवश्यक है।
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मध्याह्न भोजन और पुराने वीडियो का भी मुद्दा
स्थानीय लोगों ने स्कूल से जुड़े पुराने मामलों का भी हवाला दिया है। आरोप है कि पहले मध्याह्न भोजन बच्चों के माध्यम से शिक्षक के घर भेजे जाने की शिकायत सामने आई थी।

अगस्त में भी स्कूल से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई थी, जिनमें बच्चों से कथित तौर पर लहसुन छिलवाने, सफाई करवाने और पानी भरवाने जैसे काम कराने के आरोप लगाए गए थे।
इन पुराने आरोपों की भी विभागीय जांच और वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।



