सैलाना रोड स्थित अखंड ज्ञान आश्रम पर श्री स्वामी ज्ञानानंद जी की 33वीं पुण्य स्मृति महोत्सव

के तहत संगीतमय भागवत कथा हुई। कथा के यजमान श्यामलाल सौं शांति देवी एवं सुरेश पापटवाल परिवार रतलाम द्वारा पंडित नरेंद्र शर्मा दंतोदिया द्वारा करवाई गई। श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम के पश्चात भंडारा समारोह समय सुबह 11:00 बजे से 3:00 बजे तक महामंडलेश्वर डॉ. चेतन स्वामी जी महाराज इंदौर, स्वामी अच्युतानंद जी महाराज गंगोत्री धाम, व्याकरण आचार्य श्री हरीश चैतन्य महाराज वृंदावन धाम, दया चैतन्य जी महाराज ओंकारेश्वर धाम- वेदांत दर्शन प्रवक्ता, श्री स्वामी शुद्ध आनंद जी महाराज बदनावर, श्री स्वामी निर्गुणानंद जी महाराज धार, श्री स्वामी प्रभुतानंद जी महाराज चित्रकूट, श्री स्वामी वासुदेवानंद जी महाराज उज्जैन, श्री स्वामी शिवानंद जी महाराज सुजालपुर, श्री स्वामी प्रकाश आनंद जी महाराज भीलवाड़ा, श्री स्वामी राजनंद जी महाराज काशी, श्री स्वामी अवधेशानंद जी महाराज झांसी ओरछा धाम, श्री स्वामी विरुतानंद जी महाराज कानपुर, श्री स्वामी नारायण आनंद जी महाराज देवास, श्री चिन्मयानंद जी महाराज जोधपुर, श्री मीरा मुनि मंदसौर, पूज्य स्वामी जी के निर्वाण दिवस पर पुष्पांजलि के साथ में श्रद्धा सुमन अर्पित। इस अवसर पर रतलाम आश्रम के ट्रस्टी, साधुगण, भक्ति गण आदि उपस्थित थे। ज्ञानानंद स्वामी जी ने अपने उद्बोधन में कहा था कि वे कभी भी ब्रह्मचर्य के अलावा कोई भी बात नहीं करते थे।

हमेशा वेदांत पर चर्चा करते थे। उनका मूल मंत्र शिवोहम था जो शिष्य परंपरा में निरंतर चल रहा है। संतों का स्वागत पापटवाल परिवार, आश्रम के ट्रस्ट के सदस्यों और भक्तों द्वारा किया गया। इसमें रमेश गर्ग, सतीश झंवर, अनोखे लाल दुबे, कैलाश जाट, राजेंद्र वाघेला व पापटवाल परिवार ने संतों का सम्मान किया गया। संत के स्वागत सम्मान में मुख्य रूप से हीरालाल मंजू देवी पापटवाल,सुरेश अलका पापटवाल, जीवन युग पापटवाल, संत योगेश पापटवाल,कन्हैया लाल मौर्य,पूर्व महापौर आशा मौर्य,शुभम् निकिता पापटवाल,सुरेश शिवकन्या गढ़वाल,गोपाल उषा सभा,अशोक शकुंतला अजमेरा, विनोद, राकेश, संदेश, नंदेश, अश्विनी शिवांग, निशिता पापटवाल परिवार ने प्रचुर प्रसादी का वितरण किया तथा विशाल भंडारा आश्रम ट्रस्ट एवं समस्त भक्तों को बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उक्त जानकारी सुरेश पापटवाल ने दी।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


