रतलाम जिले की कृषि उपज मण्डी में प्याज उछल कर गिरा।नारद न्यूज 24, रतलाम।
रतलाम। एक माह पहले सरकार द्वारा प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने से किसानों ने दाम बढ़ने की उम्मीद को ले कर किसानों ने में प्याज का स्टोर कर गोदाम बना कर जाली पंखे लगा कर बड़ी मात्रा में स्टोर करना शुरू कर दिया था। इसके बाद प्याज की कीमतों में उछाल तो आया लेकिन गोदामों में रखा प्याज अचानक मौसम परिवर्तन से प्याज खराब होने लगा। इस कारण बड़ी संख्या में किसानों ने वापस अपने कृषि यंत्रों टैक्टर ट्राली लोडिंग बड़े छोटे द्वारा तीन दिन से पुन: प्याज बेचना शुरू कर दिया। इससे मंडियों में प्याज की बंपर आवक में बढ़ गई। प्रदेश देश में मांग की पूर्ति होने पर एक ही दिन में करीब पांच सौ रुपये की गिरावट आई है। दस मई को प्याज ऊंचे में 3001 रुपये क्विंटल बिका था तो मंगलवार को 2513 रुपये क्विंटल बिका।
सरकार ने प्याज के निर्यात पर चार मई 2024 को प्रतिबंध हटाया था। इसके बाद प्याज के दामों में आंशिक वृद्धि हुई थी। तब प्याज 1800 से दो हजार रुपये क्विंटल बिक रहा था। वहीं एक जून से प्याज से दामों में तेजी आना शुरू हुई तथा दाम 2100 से 2500 रुपये क्विंटल हो गए तो किसानों ने प्याज बेचना शुरू कर दिया। इसके बाद भी प्याज के दामों में तेजी का रुख रहा और छह जून से दाम 2300 रुपये क्विंटल से बाहर चले गए। इसके बाद पांच दिन में प्याज के दामों में करीब सात सौ रुपये की तेजी आई तथा दस जून को प्याज ऊंचे में अधिकतम 3001 रुपये क्विंटल तक बिका।
दाम में और तेजी आने की संभावना के मद्देनजर तीन दिन से महू रोड स्थित मंडी में प्याज की बंपर आवक हो रही है। सोमवार की रात तो करीब एक हजार किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में व अन्य वाहनों में प्याज लेकर बेचने के लिए मंडी में पहुंचे थे। इसके कारण मंडी में वाहन खड़े करने की समस्या उत्पन्न हो गई थी तथा मंडी प्रशासन ने आधे वाहनों को अंदर लेने के बाद गेट बंद कर दिया था।
https://www.facebook.com/profile.php?id=100015338732047&mibextid=ZbWKwL इससे किसान नाराज हो गए थे तथा गेट के सामने जाम लगाकर प्रदर्शन करने लगे थे। कुछ देर बाद गेट खोलकर किसानों के वाहन अंदर लिए गए थे, इसके बाद भी कई वाहनों को मंडी में जगह नहीं होने से बाहर ही खड़े करना पड़ा था।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


