रतलाम की गरिमा बढ़ाने वाले प्राचीन स्थल श्री जगन्नाथ मंदिर से रविवार दोपहर बाद 3:30 पर यात्रा रथ यात्रा प्रारंभ हुई। जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों का विशाल जन सैलाब ने भगवान श्री जगन्नाथ को रथ में सवार करवा कर शहर के मार्गो पर चलित यात्रा थावरिया बाजार स्थित प्राचीन मंदिर से सवार होकर शहर के विभिन्न मार्गो में भ्रमण कर निकाली गई।
यात्रा श्रद्धालु द्वारा जय जगन्नाथ के जयकारे लगाते महिला पुरुषों भक्ति के रंग में रमते हुए रथ को खिंचते चले गए चले।
यह रथ यात्रा भक्तों के लिए बहुत ही खास होती हैं। शहर में कई स्थानों पर मंच बना कर स्वागत किया।
ऐसी मान्यता है कि इस यात्रा में शामिल हों कर रथ खींचने पर यज्ञ करने का फल प्राप्त होता है और जीवन मे अनेक समस्याओं का अंत होता है । और जीवन में मांगलिक सहयोग प्रदान होता है।रतलाम शहर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया बाजार स्थित मंदिर में विराजित भगवान श्री जगन्नाथ की मूर्ति पूजा कर पौराणिक रूढ़िवादी चरित्र परम्परा को कायम रखते हुए समिति द्वारा आज शहर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली यात्रा बाजार मंदिर से शुरू होकर सूरजपुर मालवाड़ा , डालुमोती बाजार, नाहरपुरा ,रानी जी का मंदिर, गणेश देवरी ,बजाज खाना ,चांदनी चौक, चौमुखी पुल, घास बाजार, सेठ जी का बाजार आदि मार्ग से होते हुए पुनः मंदिर पहुंची जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर महा आरती की गई।तत्पश्चात के सिर्फ भाग केसरिया बाद का वितरण कर कार्यक्रम को सफल बनाया भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों का जन सैलाब उमड़ा।
समिति द्वारा यात्रा का यह 29 व वर्ष है समिति संस्थापक मुन्नालाल शर्मा अध्यक्ष मंगलवाड़ा महामंत्री गोपाल शर्मा ने बताया कि रविवार की सुबह9:00 बजे से शास्त्र अभिषेक किया गया एवं दोपहर में यात्रा शुरू हुई यात्रा बैंड बाजे घोड़े , ऊंट सवारी करते बच्चो ने भाग लिया।जोर जोर से भगवान भवन जगन्नाथ यात्रा का जयकारे लगाए।
पिछले दो युगों शुरू हुई थी रथ यात्रा ।
को खींचते हुए चले भक्ति क्षेत्र के रघुवीर जोशी दिवंगत कृष्ण मोहन जी लोड़ा श्याम जी सोनी कन्हैया लाल जी लोड़ा ,मुन्ना लाल जी शर्मा, गोपाल जी शर्मा, मोहनलाल दभाई, रामचंद्र दोई ,रविंद्र सिंह सोनगरा, ईश्वर राजवादिया ,जितेंद्र जायसवाल, अशोक जी लोड़ा ,मोहनलाल जी माली, कैलाश चौरसिया ,संतोष पोरवाल, दिवंगत मंगल अरोड़ा, अपुर्व जोशी द्वारा छोटे स्तर पर यात्रा की शुरुआत की गई थी यह यात्रा लगातार बढ़ते समय के अनुसार विशाल रूप धारण करती हुई आज एक महान भव्य की यात्रा के रूप में संचालित हो रही है यात्रा का सिलसिला लगातार चल रहा है पहले की अपेक्षा अब यह भविष्य के परिवर्तन मे उच्च स्तर पर यात्रा निकाली जाने लगी है ।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


