मृतक केसर बाई की औखो से दो अंधे इंसानों को दुनिया देखने का मौका मिलेगा।
रक्त दान महादानके साथ जिले में अंग आखें, और किडनी, दान दाता में रुचि में बढ़ोतरी दर्ज एक नाम और जुड़ गया है।

आइये देखते देखते हैं नारद न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट ,,
जगदीश जी, शांतिलालजी पटेल की पूज्य माताजी एवं रतनलालजी,हिम्मतलाल जी की दादी जी श्री मति केसर बाई पटेल का देवलोकगमन दिनांक 11/8/24 को हो गया ।
माताजी का देवलोकगमन होने की सुचना होने पर रतनलालजी एवं हिम्मतलाल जी से माताजी के नेत्रदान हेतु पाटीदार समाज सुरेश जी एवं राकेश जी पाटीदार ने नेत्र दान महादान के संकल्प पर किसी की अंधेरी दुनिया से पीड़ित को फिर से दुनिया देखने का मौका मिलेगा इस तरह का विचार कर मर्तक महिला परिजन से चर्चा की जिस पर जगदीशजी, शांतिलाल जी के साथ पुरे परिवार ने सहर्ष ख़ुशी ख़ुशी सहमति दी नेत्रम सस्थान के शूलभ जी अग्रवाल, हेमंत जी मुणत के सहयोग से गीताभवन न्यास बड़नगर के डॉक्टर साहब दादरवाल जी को लेकर आए और रात्रि 11 :30 बजे नेत्रदान सम्पन्न हुआ ।
दान सेवा दाता पुरे पटेल परिवार को बहुत बहुत ह्रदय से धन्यवाद के प्रतीक हैं।
नेत्रदान के बारे में जानकारी का मुख्य स्रोत मीडिया है। अतः नारद न्यूज नेत्रदान के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों में से के लिए अधिक जानकारी की आवश्यकता थी कि उन्हें अपनी आँखें दान करनी चाहिए या नहीं।यदि अधिक नेत्रदान की प्रतिज्ञा करनी है तो ज्ञान का अधिक हस्तांतरण होना चाहिए। नेत्रदान के बारे में जानने वाले लोगों ने अपनी आँखें दान करने की प्रतिज्ञा करना चाहिए और अतिरिक्त को निर्णय लेने के लिए अधिक जानकारी की आवश्यकता है। इसका मतलब है कि नेत्रदान के बारे में जानने वाले केवल प्रदेश ही नहीं रतलाम जिले में नेत्र दान करने वाले की संख्या में सैकड़ो कि बढ़ोत्तरी हुई है दान दाता में जिले के हिस्से ने ही अपनी आँखें दान करने की रुचि जाहिर की ऐसे भारत की ग्रामीण आबादी में नेत्रदान के प्रति जागरूकता के लिए नारद न्यूज 24 (naradhnews24.in) के माध्यम से जन हित एक निवेदन और सुझाव।
मृत्यु के दौरान नेत्रदान से जुड़े तथ्य,,
आंखें किसी की मृत्यु के बाद ही दान की जा सकती हैं।
मौत के 4 से 6 घंटे के अंदर आंखें निकालनी होती हैं।
दाता को नेत्र बैंक में ले जाने की आवश्यकता नहीं है। नेत्र बैंक के अधिकारी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के दाता के घर जाएंगे।
आंख निकालने की पूरी प्रक्रिया में अंतिम संस्कार में देरी नहीं होती, क्योंकि इसमें केवल 20-30 मिनट लगते हैं।
किसी भी उम्र का व्यक्ति नेत्रदान कर सकता है।
चाहे व्यक्ति ने पहले j लिखित में नेत्रदान किया हो या नहीं, परिवार की इच्छा पर मर्तक के नेत्रदान किया जा सकता है।
आंखों को हटाने से चेहरा खराब नहीं होता है।
परीक्षण के लिए दाता के शरीर से एक छोटी मात्रा (10 मिली) रक्त लिया जाता है।
नेत्र बैंक कर्मियों द्वारा आंखों का मूल्यांकन किया जाता है और प्रशिक्षित कॉर्नियल सर्जन द्वारा प्रत्यारोपण के लिए कॉर्निया का उपयोग किया जाता है।
आई बैंक गैर-लाभकारी संगठन हैं। आप आंखें नहीं खरीद सकते। प्रतीक्षा सूची के अनुसार मरीजों को सख्ती से बुलाया जाता है।
दाता और प्राप्तकर्ता दोनों की पहचान गोपनीय रखी जाती है।प्रत्येक व्यक्ति दो व्यक्तियों को दृष्टि दे सकता है।
आप अपनी आँखें दान कर सकते हैं, भले ही आप:
गुजर चुके हैं मोतियाबिंद ऑपरेशनचश्मा लगा हो मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दमा, तपेदिक आदि से पीड़ित हैं।कॉर्निया का प्रत्यारोपण के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है यदि रोगियों की पहचान की जाती है कि वे इससे पीड़ित हैं:
एड्स या एचआईवीसक्रिय वायरल हेपेटाइटिससक्रिय वायरल एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन)रेबीज रेटिनोब्लास्टोमा (आंख का कैंसर)सेप्टीसीमिया (रक्त प्रवाह में बैक्टीरिया)सक्रिय ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर का एक प्रकार)अन्य संक्रामक रोगअ गर आपके परिवार में किसी की मृत्यु हो जाती है और आप उनकी आंखें दान करना चाहते हैं:दी गई लिंक पर टच कर देखे https://www.youtube.com/@naradhnews2424
पंखा बंद कर दो
दाता की पलकें बंद करें
मृत व्यक्ति के सिर को उनके सिर के नीचे एक तकिया रखकर थोड़ा ऊपर उठाएं
जितनी जल्दी हो सके नजदीकी नेत्र बैंक से संपर्क करें
यदि चिकित्सक का मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध है तो उसे तैयार रखें
नेत्रदान 2 गवाहों की उपस्थिति में अगले रिश्तेदार की लिखित सहमति की आवश्यकता हैhttps://www.facebook.com/dolat.patidar
आप क्या कर सकते हैं?
अपने नजदीकी आई बैंक में कॉल करें और नेत्रदान करने का संकल्प लें। आपको नेत्रदान कार्ड प्रदान किया जाएगा। नेत्रदान के लिए आप 24 घंटे टोल फ्री नंबर 1919 भी डायल कर सकते हैं।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


