रतलाम: शहर में कलेक्टर कार्यालय पर एक फरियादी ने अपने आवेदन को सार्वजनिक रूप से चस्पा कर प्रशासनिक अधिकारियों को सकते में डाल दिया। घटना के बाद तहसीलदार ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित आवेदन की जांच कराई और मामले को रतलाम शहर के थाने में प्रकरण दर्ज करवाया।
रतलाम, 24 जनवरी (नारद न्यूज 24)।
शहर तहसीलदार ऋषभ ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कलेक्टोरेट की दीवार पर पर्चा चस्पा करने के मामले में गुरुवार रात तहसीलदार ने स्टेशन रोड थाने में प्रकरण दर्ज कराया है। तहसीलदार ने आरोपो को निराधार बताते हुए पर्चा चस्पा करने वाले को आदतन शिकायतकर्ता बताया है।जानकारी के अनुसार होमगार्ड कॉलोनी निवासी नंदकिशोर चौहान ने गुरुवार दोपहर कलेक्टर ऑफिस के मुख्य गेट की दीवार पर तहसीलदार ऋषभ ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए एक शिकायती पर्चा चस्पा कर दिया। शिकायतकर्ता ने खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताया। शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, मध्यप्रदेश एसएसी आयोग, सीएम, उज्जैन कमिश्नर, राष्ट्रीय मानव अधिकारी आयोग व कलेक्टर के नाम की।
यूट्यूब चैनल पर देखने k लिए ???? लाइक सब्सक्राइब करें और पाएं ताज़ा अपडेट।????
https://www.youtube.com/@naradhnews2424
शिकायत में 56 बीघा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करना बताते हुए कॉलोनाइजर व अन्य लोगों को फायदा पहुंचाने की बात कही गई। शिकायतकर्ता ने बताया लगातार अधिकारियों को शिकायत करने, जनसुनवाई में भी आवेदन देने के बाद कार्रवाई नहीं होने पर कलेक्टर ऑफिस की दीवार पर शिकायत चस्पा की है।तहसीलदार ने कराया प्रकरण दर्ज ।

कलेक्टोरेट की दीवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए शिकायत का पर्चा चस्पा होने की खबर मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तत्काल कर्मचारियों को भेज कर पर्चा हटवाया गया। पर्चा चस्पा करने की खबर तेजी से फैली, जो शहर में भी चर्चा का विषय बन गई।तहसीलदार ने रिपोर्ट में कहा कि शासकीय संपत्ति पर बिना किसी सक्षम अनुमति के शासकीय कर्मचारी के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पर्चा चस्पा किया गया है। साथ ही मेरी शासकीय छवि को धुमिल करने का प्रयास किया गया है। तहसीलदार ने कहा कि बिना किसी साक्ष्य के मेरी नकारात्मक छवि पेश करने से मैं आहत हूं और मुझे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है। तहसीलदार की रिपोर्ट पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने नंदकिशोर चौहान के खिलाफ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया है।

तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने इस पूरे मामले में आरोपों को निराधार बताया है।
प्रशासनिक हलचल
यह घटना जैसे ही प्रकाश में आई, कलेक्टर कार्यालय और अन्य प्रशासनिक विभागों में हड़कंप मच गया। तहसीलदार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले को संज्ञान में लिया और पुलिस को जांच के लिए निर्देश दिए।

फरियादी का पक्ष
फरियादी का कहना है कि उसने कई बार अपनी समस्या को लेकर संबंधित विभागों से संपर्क किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उसने यह कदम उठाया।
धार्मिक स्थल अवैध कार्य ????
https://youtu.be/i6hC7ALbG0g?si=gB7HeWPw6Moo1fra
प्रशासन का रुख
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने प्रशासन और जनता के बीच संवाद की कमी को उजागर किया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे इस प्रकरण में क्या कार्रवाई होती है और फरियादी को न्याय मिलता है या नहीं।
नारद न्यूज़ 24।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


