
रतलाम नगर निगम का साधारण सम्मेलन मंगलवार सुबह 11:30 बजे शुरू हुआ, जिसमें बजट पेश किया गया। हालांकि, सम्मेलन की शुरुआत हंगामेदार रही। कांग्रेस पार्षदों ने अपने वार्डों में विकास कार्य न होने का आरोप लगाते हुए नगर निगम प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया। संपत्ति कर बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर विपक्षी पार्षदों ने निगम सभापति मनीषा शर्मा की आसंदी के सामने पहुंचकर विरोध जताया।
लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर गरमाया सदन

सम्मेलन के दौरान नेता प्रतिपक्ष शांतिलाल वर्मा ने राजीव गांधी सिविक सेंटर में पदस्थ अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाया। उन्होंने नगर निगम आयुक्त हिमांशु भट्ट से पूछा कि इन अधिकारियों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। आयुक्त भट्ट ने कोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला देते हुए जवाब देने से इनकार कर दिया, जिससे विपक्षी पार्षदों में आक्रोश बढ़ गया।
इसके अलावा, पूर्व उपायुक्त और वर्तमान लेखाधिकारी विकास सोलंकी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने कहा कि लोकायुक्त में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उन्हें मनमाने रूप से अवकाश दिया जा रहा है। पार्षदों का कहना था कि भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देना जनता के विश्वास के साथ धोखा है। ताजा खबर ???? ????
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भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तीखी बहस
भाजपा पार्षद रत्नदीप सिंह (शक्ति) के सवाल पर स्वास्थ्य समिति प्रभारी विशाल शर्मा ने अपने ही विभाग के स्वास्थ्य अधिकारी एपी सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चार महीने पहले भ्रष्टाचार के सबूतों के साथ शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विशाल शर्मा ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जिन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, उन्हें नगर निगम प्रशासन द्वारा 26 जनवरी के मुख्य समारोह में सम्मानित किया जा रहा है। इस पर आयुक्त हिमांशु भट्ट ने टालमटोल भरा जवाब दिया, जिससे सदन में पक्ष-विपक्ष के पार्षदों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
लीज अवधि बढ़ाने और संपत्ति कर वृद्धि का विरोध
सम्मेलन में लीज पट्टों की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव पर भाजपा पार्षदों ने असंतोष जताया। संपत्ति कर में 10% वृद्धि के प्रस्ताव को लेकर भी विवाद हुआ। विपक्षी पार्षदों ने कहा कि जब शहर की जनता पहले से ही मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, तब कर वृद्धि अन्यायपूर्ण होगी।

भोजन के बाद फ़िर सिलसिला,,
1. संपत्ति कर में 10% वृद्धि – इस प्रस्ताव पर तीखी बहस होने की संभावना है क्योंकि जनता पहले से ही बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही है।
2. प्राइवेट पार्किंग शुरू करने का प्रस्ताव – नगर निगम द्वारा प्रमुख सड़कों पर निजी पार्किंग की अनुमति देने पर चर्चा होगी। पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम के भ्रष्ट इंजीनियरों ने निर्माण के दौरान नियमों का पालन नहीं कराया, जिससे यह प्रस्ताव विवादों में घिर सकता है।
3. अंबेडकर मांगलिक भवन की भूमि शुल्क वृद्धि – पोलोग्राउंड स्थित इस भवन की खुली भूमि के लिए वर्तमान में ₹1.30 प्रति वर्ग फुट शुल्क लिया जाता है, जिसे बढ़ाकर ₹2 करने का प्रस्ताव रखा गया है।
4. सड़क का नामकरण – वार्ड क्रमांक 26 में ‘हरमाला रोड’ का नाम बदलकर ‘वीरांगना गुजरी माता पन्ना धाय’ रखने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जिसे सर्वसम्मति से पारित किए जाने की संभावना है।
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रतलाम नगर निगम का बजट सत्र हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच शुरू हुआ। भ्रष्टाचार, भेदभाव और कर वृद्धि के मुद्दों ने सदन को गरमा दिया। भोजन अवकाश के बाद बहस और अधिक तीव्र होने की संभावना है, खासकर संपत्ति कर वृद्धि और निजी पार्किंग के प्रस्तावों को लेकर। इस सम्मेलन के फैसले सीधे जनता के हितों को प्रभावित करेंगे, इसलिए पार्षदों की जवाबदेही और नगर निगम प्र
शासन की भूमिका पर कड़ी नजuर बनी रहेगी।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक




