रतलाम जिले के आदिवासी संगठनों ने कलेक्टर को सौंपा चेतावनी भरा ज्ञापन, कहा— समस्याएं नहीं सुलझी तो होगा उग्र आंदोलन ।

रतलाम, दिनांक [16 जून 2025]:
रतलाम जिले के आदिवासी अंचलों से जुड़ी गंभीर समस्याओं जैसे बिजली, सड़क, पानी, छात्रावासों की दुर्दशा, नर्सिंग कॉलेजों द्वारा आदिवासी छात्रों से की जा रही आर्थिक लूट, तथा पुलिस द्वारा झूठे मुकदमों में फंसाए जा रहे छात्रों और युवाओं को लेकर आज जयस (जय आदिवासी युवा शक्ति) और भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों आदिवासी महिला-पुरुषों ने जिला उप कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

पैदल पहुंचे कलेक्ट्रेट
जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा के नेतृत्व में ग्रामीण कोर्ट चौराहा पर एकत्र हुए। यहां से सैलाना विधायक डोडियार के साथ पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। महिला-पुरुष जय जोहार का नारा है, भारत देश हमारा है, जल जमीन की रक्षा कौन करेगा हम करेंगे, जो जमीन सरकारी है वो जमीन हमारी है आदि नारों की तख्तियां हाथों में लेकर नारेबाजी करते शामिल हुए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमीन पर बैठ गए। यहां पर भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य चंदू मईड़ा, भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा प्रदेश संयोजक दिनेश माल आदि मौजूद रहे।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कहा कि
शासन प्रशासन आदिवासी क्षेत्रों को अनदेखा कर रहा है। कई मूलभूत समस्याएं का समाधान नहीं किया तो फिर होगा आंदोलन।

सैलाना तहसील के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि हमारी 29 मांगे पूरी नहीं हुई तो अगली बारचैंबर में घुसेंगे और जिलाधीश को शिकायतों की माला पहनाएंगे।।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि—
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं की वर्षों से अनदेखी हो रही है।
छात्रों को छात्रावासों में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं।
नर्सिंग कॉलेज अवैध रूप से फीस वसूली कर रहे हैं और शोषण कर रहे हैं।
पुलिस प्रशासन, झूठे मुकदमे थोपकर आदिवासी युवाओं को डराने का प्रयास कर रहा है।
कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में जयस के झंडे और स्लोगन लिखी तख्तियां लिए नारेबाजी की। एक तख्ती पर लिखा था— “जो जमीन सरकारी है, वो जमीन हमारी है”।
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आदिवासी नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में पूरे जिले भर के आदिवासी ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय का ‘कीचड़ और गोबर लेकर’ घेराव करेंगे और प्रशासनिक चैंबर तक आंदोलन को पहुंचाया जाएगा।

इस विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में महिलाएं, छात्र और युवजन शामिल हुए। मौके पर मीडिया से बात करते हुए आदिवासी प्रतिनिधियों ने साफ कहा कि यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है— जब तक कि उनके साथ हो रहा अन्याय और भेदभाव समाप्त नहीं हो जाता।
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natadhnews24.in
संपादक पाटीदार रतलाम
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


