निजी भूमि को शासकीय घोषित करने पर रतलाम कलेक्टर के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना याचिका दायर।

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न्यायालय ने अवमानना याचिका स्वीकारते हुए कलेक्टर को नोटिस जारी किया, 7 जुलाई को व्यक्तिगत जवाब तलब ।

 

रतलाम, 20 जून 2025 —

रतलाम जिले में स्थित अमृत सागर उद्यान के समीप

एक निजी भूमि को शासकीय विभाग को आवंटित किए जाने के मामले में न्यायालय ने कलेक्टर रतलाम के विरुद्ध अवमानना याचिका को सुनवाई हेतु स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किया है। यह याचिका उक्त भूमि की स्वामिनी श्रीमती फातिमा बाई पति कुतुबुद्दीन पिपलौदावाला द्वारा दायर की गई है।

प्रकरण में याचिकाकर्ता की ओर से अभिभाषक विस्मय अशोक चत्तर ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीमती फातिमा बाई के स्वामित्व में 

इस क्षेत्र से आगे में है,,स्थित सर्वे नंबर 624 की भूमि (रकबा 8 बीघा 2 बिस्वा) पूर्व से ही निजी स्वामित्व की भूमि है। वर्ष 1997 में इस भूमि को लेकर न्यायालय द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे कि कलेक्टर रतलाम इस भूमि पर न तो स्वामिनी को कब्जा करने से रोकेंगे और न ही किसी प्रकार से उनके स्वामित्व को बाधित करेंगे। उक्त आदेश मध्यप्रदेश शासन के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भी बंधनकारी माना गया था।

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इसके बावजूद हाल ही में पता चला कि उक्त भूमि को पुलिस विभाग को भवन निर्माण हेतु आवंटित कर दिया गया है और चालू वर्ष के खातों व खसरों में उक्त भूमि को पुलिस विभाग के नाम दर्ज किया गया है। जब यह जानकारी भूमि स्वामिनी को मिली, तो उन्होंने इसे न्यायालय के पूर्व आदेश की सीधी अवहेलना मानते हुए कलेक्टर रतलाम के विरुद्ध अवमानना याचिका जिला न्यायालय में दायर की।

यह याचिका चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ खंड) श्री जितेन्द्र रावत की अदालत में प्रस्तुत की गई, जहां प्रथम दृष्टया न्यायालय ने याचिका को सुनवाई हेतु स्वीकार करते हुए कलेक्टर रतलाम को नोटिस जारी किया है और आगामी 7 जुलाई 2025 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विस्मय चत्तर ने कहा कि “कलेक्टर एक उच्च प्रशासनिक अधिकारी होते हुए भी न्यायालय के पूर्व आदेश की अवहेलना कर रहे हैं, जो न केवल संवैधानिक मर्यादा के विरुद्ध है, बल्कि शासन प्रशासन में आम नागरिक के विश्वास को भी कमजोर करता है। ऐसे मामलों में प्रशासन को स्वयं पहल कर गलती सुधारनी चाहिए।”

यह प्रकरण भूमि अधिकारों, न्यायिक आदेशों के अनुपालन और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला बन गया है, जिस पर आगामी सुनवाई में न्यायालय की दृष्टि और निर्देशों की अपेक्षा की जा रही है।

Naradh News24
Author: Naradh News24

प्रधान संपादक

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