एमपी राइज 2025 कॉन्क्लेव“ रतलाम में आये 30,402 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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👇 लिसन न्यूज़

 

35 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार

रतलाम अब स्किल, स्केल और स्टार्टअप्स के लिये भी जाना जायेगा

 

एसआरएफ करेगी 9200 करोड़ रूपए का निवेश, झील द्वारा भी 180 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा

 

अंतर्राराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर रतलाम में हुआ रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राईस) कॉन्क्लेव का आयोजन

 

उन्नति के दरवाजे खोलने का कार्य कर रही है राज्य सरकार

2012 करोड़ से अधिक लागत की 94 औद्योगिक इकाइयों एवं क्लस्टर्स का हुआ भूमि-पूजन और लोकार्पण

 

एमएसएमई इकाइयों को भी नवकरणीय ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने पर दी जायेगी सब्सिडी

 

288 एमएसएमई इकाइयों को 270 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण

 

140 वृहद औद्योगिक इकाइयों को 425 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता वितरित

 

538 एमएसएमई इकाइयों को भूखंड आवंटन पत्रों का वितरण

 

35 वृहद औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के आशय पत्र वितरित

 

4 लाख से अधिक हितग्राहियों को स्व-रोजगार के लिये 3861 करोड़ रूपये का ऋण वितरित

 

मुख्यमंत्री ने नव उद्यमियों से किया संवाद

 

उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग और थीमैटिक सेशन

 

निवेशकों को प्रोत्साहित करने 29 जून को सूरत में होगा रोड-शो

रतलाम 27 जून 2025/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश के साथ-साथ अब मध्यप्रदेश भी बदल रहा है। यहां विकास के सभी क्षेत्रों में नवाचार हो रहे हैं। हर क्षेत्र में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास का यह कारवां रूकेगा नहीं, बल्कि अब और तेज गति से आगे बढ़ेगा। रतलाम पहले सेव, साड़ियों और सोने के लिए जाना जाता था लेकिन अब यही रतलाम स्किल, स्केल और स्टार्टअप्स के लिए जाना जाएगा। रतलाम की राइज कॉन्क्लेव में 30402 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं, जिससे 35 हजार 520 रोजगार का सृजन होगा। रतलाम में अंतर्राराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर आयोजित रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राईस) कॉन्क्लेव में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, मंदसौर के सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार, विधायक श्री चिंतामन मालवीय, श्री मथुरालाल डामोर, डॉ. राजेन्द्र पाण्डे, महापौर श्री प्रहलाद पटेल, श्री प्रदीप उपाध्याय, सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति, निवेशक एवं हितग्राही उपस्थित थे।

 

 

अंतर्राराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर रतलाम में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राईस) कॉन्क्लेव के अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रतलाम का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। रतलाम की देश में केन्द्रीय स्थिति इसे और भी विशेष बनाती है। बहुत जल्द प्रदेश में एयर कार्गो के जरिए हवाई मार्ग से माल की आवाजाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य की बेहतरी और युवाओं को रोजगार देने के लिए हमारी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी प्रदेश बनाने तक हमारी कोशिशें जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिये जहां से भी हो सकेगा, वहां से निवेश लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए वे 29 जून को सूरत में रोड-शो करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रतलाम में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राईस) कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। इस कॉन्क्लेव में महत्वपूर्ण रूप से रतलाम में एसआरएफ कम्पनी द्वारा 9200 करोड़ रूपए का निवेश करने की बात कही, जिसके माध्यम से 7000 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं झील कंपनी द्वारा रतलाम में 180 करोड़ रूपए के निवेश की बात कही। वहीं श्री तिरूपति बालाजी एवं ओरियान पावर भी रतलाम में निवेश करेंगे। वहीं रतलाम जिले में लोक निर्माण विभाग 222 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन। इनमें बंजली-सेजावता बायपास मार्ग लागत 13.90 करोड़ रूपए, रतलाम रिंग रोड निर्माण लागत 43.28 करोड़ रूपए, सुभाष नगर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण 36.33 करोड़ रूपए लागत, ईश्वर नगर फाटक पर रेलवे अंडर ब्रिज निर्माण लागत 8.21 करोड़ रूपए शामिल है। वहीं भूमिपूजन कार्य में नवीन कलेक्टोरेट कैम्प्स में 1.18 करोड़ रूपए लागत से ऑडिटोरियम निर्माण, रतलाम शहर में 49.78 करोड़ रूपए लागत से फोरलेन निर्माण, ऑफिसर कॉलोनी से हाकिमवाड़ा, संत रविदास चौक, अमृत सागर तालाब, गौशाला से हाट की चौकी आंतरिक मार्ग निर्माण, बंजली-सेजावता मार्ग पर रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण 46.26 करोड़ रूपए लागत, रतलाम-मोरवानी मार्ग पर रेलवे संख्या क्रमांक 79 पर 23.52 करोड़ रूपए लागत से रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण का भूमि पूजन शामिल है।

 

 

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पूर्व स्थापित एमएसएमई इकाइयों द्वारा यदि केवल नवकरणीय संयंत्र की स्थापना के लिये पृथक से निवेश किया जाता है तो इन इकाइयों को भी नवकरणीय ऊर्जा संयंत्र में किये गये निवेश पर उद्योग विकास अनुदान की सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम में मेगा इन्वेस्टमेंट रीजन से लगे लगी 6 ग्राम बिबड़ौद, पलसोड़ी, रामपुरिया, सरवनीखुर्द, जामथुन एवं जुलवानिया क्षेत्र एवं आबादी में स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिये मार्ग निर्माण, सामुदायिक भवन एवं आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिये प्रति ग्राम पंचायत 50 लाख की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने निवेश क्षेत्र इण्डस्ट्रीयल पार्क एवं रतलाम क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों की सुविधा के लिये नवीन क्षेत्र में 220 केवी विद्युत लाईन की व्यवस्था करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि रतलाम के पोलो ग्राउंड में अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर हॉकी का एस्ट्रो टर्फ बनाया जायेगा। साथ ही रतलाम में बड़ी हवाई पट्टी का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि कालिका माता परिसर के विकास के लिये सैटेलाइट टाउन बनाया जायेगा।

 

4 लाख से अधिक हितग्राहियों को मिला 3861 करोड़ रूपए का ऋण

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राईस) कॉन्क्लेव में प्रदेश के 4 लाख से अधिक हितग्राहियों को स्व-रोजगार के लिए 3861 करोड़ रूपए की ऋण राशि सिंगल क्लिक के जरिए उनके खातों में हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने 6000 करोड़ रूपए से अधिक निवेश करने और 17600 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली 35 वृहद औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन पत्र भी प्रदान किए। साथ ही 2012 करोड़ रूपए से अधिक लागत की 94 औद्योगिक इकाइयों और क्लस्टर्स का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के जरिए ही 288 एमएसएमई इकाइयों को 270 करोड़ रूपए की प्रोत्साहन राशि और 140 वृहद औद्योगिक इकाइयों को 425 करोड़ रूपए की वित्तीय सहायता राशि हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने 538 एमएसएमई इकाइयों को भू-खंड आवंटन पत्र भी प्रदान किए।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश में हर महीने इन्वेस्टर समिट उद्योग और रोजगार को बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम हो रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश और देश के अलग-अलग शहरों में निवेशकों के लिए रोड शो और अन्य कार्यक्रम आयोजित कर रही है। सरकार व्यापार-व्यवसाय के लिए अपनी नीतियों के बल पर ठोस कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर में दीवाली पर हर व्यापारी लाखों की संपत्ति रखते हैं आज यहां भी निवेश की बारिश हो गई। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर उद्यमियों और अधिकारियों का अभिनंदन है। बदलते दौर में प्रदेश को प्रधानमंत्री श्री मोदी के द्वारा अनेक सौगातें मिल रही हैं। रतलाम की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों के साथ बेहतर है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस के माध्यम से यहां से 6 घंटे में दिल्ली और 6 घंटे में मुंबई पहुंच सकते हैं। आगामी वर्षों में व्यापारियों को माल परिवहन के लिए एयर कार्गों सेवा प्रदान करेंगे। गुड्स को हवाई मार्ग से बाहर भेजेंगे। महाराष्ट्र सरकार से पोर्ट पर मध्यप्रदेश के व्यापारियों के लिए सुविधाएं शुरू करने के लिए चर्चा की है। सरकार के लिए छोटे से छोटा निवेशक अहम है। दुनिया हमारी अर्थव्यवस्था को देखकर दंग है। आपके कारखानों से कई लोगों के घरों का चूल्हा जलता है। फैक्ट्रियां भगवान के मंदिर की तरह है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 11 साल के कार्यकाल में भारत को दुनिया के आगे खड़ा कर दिया है। आज हर तरह की विश्व स्तरीय सुविधाएं भारत में उपलब्ध हैं। हमारी सरकार रेल यात्रियों के साथ माल परिवहन में भी अहम भूमिका निभा रही है। रेलमंत्री ने रतलाम को 4 ट्रैक रेल-लाइन की सौगात दी है। प्रदेश में जीआईएस के माध्यम से 30.77 लाख करोड़ से अधिक निवेश प्राप्त हुआ, जिससे करीब 21 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार ने उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर विकसित करने के लिए 18 नई नीतियां फरवरी में लागू की हैं। प्रदेश में 340 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र 10 फूड पार्क, 5 एसईजेड, 2 स्पाइस पार्क संचालित हैं। मध्यप्रदेश में पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है, नए निवेशकों को उद्योग शुरू करने के लिए सरकार पूरी मदद दे रही है। राज्य में बिजली भी सरप्लस है। लेदर पार्क, फार्मा पार्क, टैक्सटाइल पार्क, आईटी और सर्विस सेक्टर में नए आवास बने हैं। आईटी सेक्टर में प्रदेश में 220 से अधिक और 150 से अधिक ईएसडीएम कंपनियां संचालित हैं, जहां 2 लाख से अधिक आईटी प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं। कपड़ा उद्योग में खरगोन, मंदसौर, उज्जैन, बुधनी, पीथमपुर बड़े केंद्र हैं। जल्द ही धार में टैक्सटाइल सेक्टर में पीएम मित्र पार्क तैयार होने वाला है। प्रदेश में खनिज संपदा भरपूर है। पन्ना में हीरा मिल ही रहा है, वहीं सिंगरौली जिले में सोने की खदान मिली है।

 

हमारी नीति है जहां कॉन्क्लेव करते हैं, वहां इंडस्ट्री का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करते हैं।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी नीति है कि जहां कॉन्क्लेव करते हैं, वहां इंडस्ट्री का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करते हैं। राइज कॉन्क्लेव नए उद्यमी तैयार करने का अभिनव प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा, सागर, अलीराजपुर, धार, रतलाम के उद्यमियों एवं जनप्रतिनिधों से वर्चुअली संवाद किया। यहां फूड प्रोसेसिंग, टैक्सटाइल, डेयरी इंडस्ट्री, विद्युत उपकरण निर्माण यूनिट स्थापित करने वाले उद्यमियों से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसआरएफ ग्रुप को भूमि आवंटन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई स्वरोजगार क्रेडिट में ऋण प्रदान करने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के श्री तरण सिंह जीरा को वर्ष 2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ इंडिया का भी इसी श्रेणी में सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आजीविका स्वसहायता समूहों को ऋण राशि के चेक भी वितरित किए।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई विभाग अंतर्गत 73.43 हेक्टेयर के 104 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले 10 राज्य क्लस्टर एवं अलीराजपुर सीएफसी का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। साथ ही एमएसएमई विभाग के अंतर्गत निवाड़ी, आगर मालवा एवं रायसेन जिले के नवीन डीटीआईसी कार्यालयों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग-एमपीआईडीसी के अंतर्गत 80.26 हेक्टेयर रकबे में 61.26 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले नवीन औद्योगिक क्षेत्र, सेमरी कांकड़, जिला मंदसौर का भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 202 करोड़ रुपए की लागत के 8 विकास कार्यों का लोकार्पण कर रतलाम जिलों को अनुपम सौगातें दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास विभाग द्वारा 263 आकांक्षी युवाओं को रोजगार के ऑफर लेटर भी प्रदान किए। साथ ही एमएसएमई विभाग अंतर्गत उद्यमियों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए।

 

कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमएसएमई विभाग एवं वॉलमार्ट कम्पनी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान भी हुआ। इस एमओयू के बाद अब छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर मार्केट कनेक्टिविटी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई विभाग द्वारा प्राकशित सफल उद्यमी-समृद्ध प्रदेश पुस्तिका, (कौशल विकास विभाग) आईटीआई एंड इंडस्ट्री कनेक्ट पत्रिका एवं युवा संगम ब्रोशर का विमोचन भी किया।

 

 

 

एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि आज रतलाम के लिए ऐतिहासिक दिन है। इस कॉन्क्लेव का नाम एमपी राइज 2025 रखा गया है। मालवा क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति भी समागम में शामिल हुए हैं। उद्योग के साथ कौशल विकास भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेशभर में उद्योग एवं कौशल विकास के लिए सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। रीजनल कॉन्क्लेव के माध्यम से पर्यटन की अपार संभावनाओं को गति मिली है। मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में अग्रणी है। देश की जीडीपी में प्रदेश का हिस्सा लगभग 30 प्रतिशत है। पिछले वर्ष तक 2100 करोड़ रुपए की सब्सिडी बांटी जा चुकी है। राज्य सरकार के सहयोग से प्रदेश के 4 लाख 85 हजार युवाओं को बैंक ऋण स्वीकृत हुए हैं। कंपनियों ने 27 हजार युवाओं को नौकरी के ऑफर दिए हैं। देश के विकास में मध्यप्रदेश बड़ा भागीदार है।

मंत्री बोले रतलाम को स्वर्णीय विकास योजना में किया गया शामिल 👇👇👇👇👇

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श्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव की गतिशीलता ने मध्य प्रदेश को पूरे देश में ऐसा स्थान दिलाया है कि पूरे देश के उद्योगपति अब मध्य प्रदेश की ओर देख रहे हैं आज इस राइस में आए हुए सभी व्यक्तियों का रतलाम की धरा पर स्वागत अभिनंदन है इसका सौभाग्य रतलाम को मिला है आज का आयोजन उद्योग और रोजगार का समावेशी कार्यक्रम है जो पूरे देश को नई दिशा दिखाएगा मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कृषि तथा उद्योग को साथ-साथ जोड़ा है प्रदेश में किया जा रहे हैं नवाचारों से प्रदेश ऊंचाई की ओर जा रहा है।

 

 

 

सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निरंतर प्रयासों ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार रखा कि समावेशी और संतुलित औद्योगिक विकास के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए जाएं। इसी सोच के तहत प्रदेश के संभागों में आरआईसी का सफल आयोजन किया गया, जिससे समग्र विकास की अवधारणा को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रदेश में उद्योग-फ्रेंडली वातावरण बना है, जिससे निवेशकों का भरोसा और भागीदारी दोनों बढ़े हैं। इन पहलों ने प्रदेश की औद्योगिक गति को तेज किया है और रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।

Naradh News24
Author: Naradh News24

प्रधान संपादक

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