बर्षा योग के लिए मुनि श्री दुर्लभ सागर महाराज का आरोन आगमन हुआ*
👉 *आरोन जैन समाज ने भक्ति और उल्लास के साथ की मुनि संघ की भव्य एवं ऐतिहासिक आगवानी*

*संवाद दाता सी एल तिवारी आरोन*। मूक माटी के प्रणेता,जिन धर्म के सूर्य,समाधिस्थ जैनाचार्य आचार्य श्री विद्या सागर जी एवं नव आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से इस बार मुनि श्री दुर्लभ सागर जी एवं क्षुल्लक श्री निर्धूम सागर जी महाराज का आरोन नगर में चातुर्मास एवं बर्षायोग हेतु मंगलवार को नगर आगमन हुआ। सोमवार को मुनि संघ ने आरोन से 6 किलोमीटर दूर ग्राम ढिमरयाई में रात्रि विश्राम किया था। जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 12 के क्षेत्रीय प्रवक्ता सुनील झंडा ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को जैन समाज अध्यक्ष विजय डोडिया एवं समाज के मंत्री संजय जैन कंचू के नेतृत्व में आरोन जैन समाज एवं ट्रस्ट कमेटी के सभी सदस्य,सभी सेवा दल,मंडल,महिला मंडल, पाठशाला परिवार,जैन मिलन,युवा जैन मिलन,गौ शाला समिति,श्रमण संस्कृति सेवा दल एवं सभी समितियों के सदस्यों ने अपने अपने ग्रुपों के विशेष ड्रेस कोड में सिरसी रोड पर गौशाला के पास स्थित आरोन जैन समाज अध्यक्ष श्री विजय जैन डोडिया के वेयर हाउस पर पहुंचकर प्रात: 8 बजे मुनि संघ की भव्य एवं ऐतिहासिक आगवानी की।
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मुनि संघ को एक जुलुश के रूप में नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बड़ा जैन मन्दिर ले जाया गया जहां मुनि संघ के मंगल सानिध्य में जिनेन्द्र भगवान की शांति धारा की गई। मुनि श्री दुर्लभ सागर महाराज ने स्वयं अपने मुखारविंद से शांतिधारा के मंत्रों का मंत्रोचारण किया।
शांतिधारा करने का सौभाग्य महावीर कलेशिया एवं संजय जैन भगवन्तपुर को प्राप्त हुआ।
*आगवानी में दिखा उत्साह*- मुनि श्री की आगवानी के प्रति नगर में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। जगह जगह श्रद्धालुओं ने मुनि संघ का पाद प्रक्षालन किए एवं जेसीबी मशीन से पुष्प वर्षा भी की गई।

*चतुर्थ कालीन मुनि चाहते हो तो स्वयं भी चतुर्थ कालीन श्रावक बनो* – आगवानी के पश्चात् नियम सागर भवन में एक धर्म सभा का आयोजन किया गया।
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मुनि श्री दुर्लभ सागर जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार से आज आरोन में ऐतिहासिक आगवानी की है उसी प्रकार आप सभी आगामी चार माह में बर्षा योग के माध्यम से आत्म साधना करें एवं आरोन में होने वाले इस चातुर्मास एवं बर्षायोग को ऐतिहासिक बनाएं।
मुनि श्री ने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहाकि वर्तमान में लोग मुनि महाराज तो चतुर्थ कालीन चर्या को धारण करने वाले चाहते हैं लेकिन कभी यह विचार किया है कि नहीं किया कि वर्तमान के श्रावक भी तो चतुर्थ कालीन के श्रावक बनकर दिखाएं। कार्यक्रम का संचालन संजीव रामपुर ने किया।
*सुनील जैन झंडा आरोन*
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


