चोरी की शंका में हत्या करने वाले सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा,1 गुम बालक की वापसी

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👇 लिसन न्यूज़

सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव के न्यायालय ने आरोपीगण-

01.जुझार पिता हरिशचंद्र डिंडोर, उम्र 32 वर्ष, निवासी-ग्राम फतेहगढ़,

02. संतोष पिता नाथुलाल

कटारा, उम्र 36 वर्ष, निवासी-ग्राम फतेहगढ़,

03. कन्हैयालाल उर्फ कान्हा

पिता कोदर मईड़ा, उम्र-49 वर्ष, निवासी-ग्राम ताजपुरिया,

04. जगदीश पिता बाबू मईड़ा

भील, उम्र 38 वर्ष, निवासी-ग्राम नेपाल,

05. रामसिंह पिता मनजी

गरवाल, उम्र 45 वर्ष, निवासी-ग्राम नेपाल,

06. जुझार पिता लूणा मईड़ा,

उम्र 40 वर्ष, निवासी-ग्राम नेपाल,

07. धारजी पिता हकरू कटारा

भील, उम्र 35 वर्ष, निवासी-ग्राम नेपाल, को धारा 103(1) बीएनएस में आजीवन कारावास व 3000 रुपए का जुर्माना, धारा 238 बीएनएस में 07 वर्ष का कारावास व 1000 रुपए के जुर्माना से दंडित किया है।

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अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि सूचनाकर्ता मंगलेश पाटीदार ने सैलाना थाने में इस आशय की सूचना दी कि वह जुनावास सैलाना में रहता है। दिनांक 31.10.2024 को शाम के लगभग 7:00 बजे घर से गौशाला के सामने हनुमान मंदिर जा रहा था, जैसे ही गोधुलिया तालाब के पास पहुंचा तो देखा कि एक व्यक्ति नगर निगम की बैठक कुर्सी पर टेके से बैठा है, जिसकी गर्दन पीछे झुकी है, चेक्स वाली शर्ट के आगे के शर्ट के बटन खुले है तथा केशरिया कलर की बनियान व काले रंग की जींश पहने है। उसको आवाज देकर हिलाया-दुलाया तो कुछ नहीं बोला, उसके शरीर को हाथ लगाकर देखा तो उसका शरीर ठंडा व कड़क हो चुका था। इसके पश्चात् वहां पर अन्य लोग भी आ गये थे और उनके द्वारा बताया गया कि इस व्यक्ति का नाम तो मणीलाल पिता शंभुजी मईड़ा, निवासी ग्राम रामपुरिया थाना सरवन है। मंगलेश पाटीदार व उसके दोस्त नागेश्वर पाटीदार द्वारा थाने पर जाकर सूचना देने पर थाने पर मर्ग दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान मृतक के परिजनों की उपस्थिति में मृतक की लाश का पंचायतनामा लाश लिया गया, जिसमें मृतक के शरीर एवं सिर में चोटें होना पाई गई।

rto ऑफिस में साहेब ने 60000 की  रिश्वत, नारद न्यूज़ 24 ने जुटाए  साक्ष्य।

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मर्ग जाँच व साक्षीयो से पूछताछ कर बयान लेने पर। घटना स्थल फतेहगढ़ मगरा स्थित सुजलोन कम्पनी सी.एम.एस. कार्यालय होना पाया गया। वहा लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों कि रिकार्डिंग को चलाकर चेक करने पर दिनांक 31.10.2024 को समय 08.14 बजे एक बोलेरो वाहन से सात व्यक्ति उतरते हुए ओर उनके साथ एक व्यक्ति को लेकर आना देखा गया,उनकी पहचान कंपनी के सिक्युरिटी इंचार्ज किशोर मीणा से करवाने पर गाड़ी से उतरने वाले व्यक्तियों में सुजलोन कंपनी का ड्राईवर जुझार डिंडोर, सुपरवाईजर संतोष कटारा, गार्ड रामसिंह गरवाल, गार्ड जगदीश मिईडा, गार्ड धारजी कटारा, गार्ड जुझार मईडा, सुपरवाईजर कन्हैयालाल मईडा के रुप में पहचान हुई। जुझार के हाथ में केबल वायर का टुकड़ा होकर साथ में लाए व्यक्ति के साथ मारपीट करते व रामसिंह के हाथ में लठ्ठ होना केमरे में देखा गया, सातों लोग साथ लाए व्यक्ति को 09.22 बोलेरा गाड़ी में ले जाते हुए देखे गए, केमरे में सारी घटना दिखाई दे रही थी। केमरे में दिखे व्यक्तियों की पहचान पंचनामा बनाया गया। बोलेरा गाड़ी में सातों व्यक्तियों के साथ जो व्यक्ति था वह मृतक मणिलाल था।

मृतक की पी.एम. रिपोर्ट प्राप्त होने पर मृतक के शरीर पर 15 चोटे पाई गई व चोटों से ही मृत्यु होना पाया गया। सम्पूर्ण मर्ग जाँच में पाया कि अभियुक्तगण के द्वारा मृतक मणीलाल को सुजलोन कंपनी के पंखों की केबल चोरी की शंका में पकड़ कर उसके साथ मारपीट की गई, मारपीट में आई चोटों के कारण मृतक मणीलाल की मृत्यु होना पाया गया। अभियुक्तगण ने अपने बचाव व सबुत को मिटाने एवं घटना के स्थान को छुपाने के लिए मृतक मणीलाल के साथ फतेगढ़ मगरे सुजलोन कम्पनी कार्यालय में मारपीट कर कम्पनी के बोलेरो वाहन से गौधुलिया तालाब सैलाना पर लाकर छोड़ दिया गया। सैलाना थाने में शून्य पर प्रकरण दर्ज किया गया। घटना स्थल फतेहगढ़ मगरा सुजलोन कंपनी ऑफिस औ.क्षे. थाने में होने से थाना औ.क्षे. रतलाम को प्रकरण भेजा गया। जिसके बाद थाना औ.क्षे. रतलाम में अभियुक्तगण के विरुद्ध धारा 103(1), 238, 3(5) भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में एफआईआर थाना प्रभारी वीडी जोशी द्वारा दर्ज कर आवश्यक अनुसंधान व जांच पूर्ण करने के उपरांत चालन न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में सुनवाई उपरांत निर्णय पारित किया गया।

अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने बताया कि इस केस की एफआईआर व न्यायालय में सुनवाई एक जुलाई 2024 से भारत में लागू नए कानून भारतीय न्याय संहिता के तहत हुई है व न्यायालय में गवाह प्रारंभ होने के 07 माह के भीतर फैसला हो गया है।

पाटीदार समाज  धार रतलाम का गुम हुआ बालक सोशल मीडिया नारद न्यूज़24 एवम् अन्य रेलवे कर्मचारी की मदद से भोपाल  में मिला घर  रतलाम हुई वापसी

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