पत्रकार पर हमला: कवरेज के दौरान मोबाइल छीनकर फोड़ा, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार

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नारद न्यूज़24 | आलोट | विशेष रिपोर्ट

आलोट नगर के हृदय स्थल पुलिस थाने के ठीक सामने एक पत्रकार के साथ अभद्रता, मारपीट और मीडिया कार्य में बाधा डालने की गंभीर घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है। कवरेज के दौरान पत्रकार से बदसलूकी कर उनका मोबाइल छीनना और पत्थर से पटककर तोड़ देना न केवल व्यक्तिगत हमला है, बल्कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारिता पर सीधा हमला माना जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 मई 2026 की शाम लगभग 7:30 बजे उपल्ली टोली निवासी पत्रकार दुर्गाशंकर पहाड़िया पुलिस थाने के सामने समाचार कवरेज हेतु वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने कवरेज पर आपत्ति जताते हुए विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पत्रकार के हाथ से मोबाइल छीन लिया और उसे कुछ दूरी पर ले जाकर पत्थर से पटककर क्षतिग्रस्त कर दिया।

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घटना के बाद पीड़ित पत्रकार की शिकायत पर आलोट पुलिस ने भोला माली पिता राजू माली निवासी माली मोहल्ला विक्रमगढ़ तथा अंकित मालवीय पिता जुझार मालवीय निवासी बलाई मोहल्ला विक्रमगढ़ के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है।

दर्ज धाराएं एवं कानूनी पहलू

पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(बी), 324(4) एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 427 के तहत अपराध क्रमांक 208/26 दर्ज किया गया है।

कानूनी रूप से यह अपराध क्यों गंभीर है:

पत्रकार के कार्य में बाधा डालना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला माना जाता है।

मोबाइल तोड़ना निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की श्रेणी में आता है।

सार्वजनिक स्थान पर गाली-गलौज एवं धमकी कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

पुलिस थाने के सामने घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

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पत्रकार सुरक्षा और संवैधानिक अधिकार

भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता संरक्षित है। पत्रकारों के साथ हिंसा या उत्पीड़न लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। मीडिया कर्मियों पर हमला न केवल अपराध है बल्कि समाज में पारदर्शिता और जनहित की आवाज दबाने का प्रयास भी है।

स्थानीय पत्रकारों में आक्रोश

घटना के बाद क्षेत्रीय पत्रकारों एवं मीडिया संगठनों में भारी रोष देखा गया। पत्रकारों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कठोर दंड एवं पत्रकार सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

नारद न्यूज़24 की मांग

आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो

पत्रकार सुरक्षा कानून को प्रभावी बनाया जाए

मीडिया कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर त्वरित कार्रवाई हो

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

शामिल हो 👇 👇 👇https://chat.whatsapp.com/DrVjtNFaGwPEhayUWc381?mode=gi_t

निष्कर्ष

  1. आलोट की यह घटना केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता की आवाज दबाने का प्रयास है। यदि मीडिया सुरक्षित नहीं रहेगा तो समाज में सत्य और जवाबदेही कमजोर होगी। प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में निष्पक्ष, त्वरित और कठोर कार्रवाई कर उदाहरण प्रस्तुत करे।
  2. 👇👇👇👇
  3. https://youtu.be/hvJyIwWMxLM?si=AMIOA_33a2eNxofa
Naradh News24
Author: Naradh News24

प्रधान संपादक

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