रतलाम। आई.डी.बी.आई. बैंक, किरण टॉकीज रोड, नाहरपुरा शाखा में 1 करोड़ 21 लाख रुपये के गबन के बहुचर्चित मामले में सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने बैंक के तत्कालीन कैशियर सुरेश पिता बद्रीप्रसाद मीणा (30 वर्ष), निवासी माचड़ी, जिला करौली (राजस्थान) को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण में पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने की। अभियोजन के अनुसार, बैंक शाखा प्रबंधक किशोर कुमार तंवर ने 12 अगस्त 2023 को थाना माणक चौक में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बैंक में नकदी मिलान के दौरान सिस्टम के अनुसार 1,46,39,664 रुपये होना चाहिए था, जबकि वास्तविक नकदी मात्र 25,39,664 रुपये मिली। इस प्रकार 1 करोड़ 21 लाख रुपये की कमी सामने आई।
पूछताछ में आरोपी सुरेश मीणा ने स्वीकार किया कि उसने अलग-अलग दिनों में बैंक के कैश काउंटर और सेफ डिपॉजिट वॉल्ट से नकदी निकाल ली थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपनी बहन के बैंक खाते का उपयोग कर विभिन्न खातों में रुपये ट्रांसफर किए तथा करीब 79.79 लाख रुपये ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में लगा दिए।
बैंक के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी बैंक बंद होने के बाद नोटों की गड्डियां बैग में रखते हुए दिखाई दिया। वहीं एसबीआई एटीएम के सीसीटीवी में भी वह बड़ी राशि जमा करते हुए नजर आया। रिश्तेदारों के खातों में भी लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए, जिन्हें बाद में वापस आरोपी के खाते में भेजा गया। पूछताछ में रिश्तेदारों ने बताया कि आरोपी ने जमीन बेचने का बहाना बनाकर यह लेनदेन कराया था।
अभियोजन ने यह भी बताया कि आरोपी की मासिक सैलरी करीब 29 हजार रुपये थी, फिर भी उसके खातों से लाखों रुपये का लेन-देन हुआ। मामले का खुलासा तब हुआ जब जिला सहकारी बैंक को 70 लाख रुपये की आवश्यकता होने पर कैशियर ने राशि देने से इनकार कर दिया। इसके बाद रीजनल ऑफिस इंदौर की टीम ने शाखा पहुंचकर नकदी का सत्यापन किया, जिसमें गबन सामने आया।
आरोपी 15 अगस्त 2023 से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


