रतलाम से बड़ी खबर — नगर निगम के सम्मेलन के खिलाफ कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है।
स्थानीय समस्याओं को दरकिनार कर राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा कराने से नाराज पार्षदों ने निगम मुख्यालय के बाहर करीब चार घंटे तक धरना दिया।

दरअसल, नगर निगम के सम्मेलन में ‘वन नेशन वन इलेक्शन’, ‘जीएसटी रिफॉर्मेशन’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा तय की गई थी, जबकि शहर में गंदे पानी की सप्लाई, सड़कों की बदहाली, सीवरेज ओवरफ्लो और आवारा कुत्तों के हमले जैसी स्थानीय समस्याएं सिर चढ़कर बोल रही हैं।
इसी के विरोध में कांग्रेस पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान और निर्दलीय पार्षद उमा रामचंद्र डोई ने सम्मेलन का बहिष्कार करते हुए मुख्य गेट के बाहर धरना दिया।
सलीम बागवान ने महापौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि —
“जब शहर के लोग गंदे पानी और टूटी सड़कों से परेशान हैं, तब महापौर राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं — यह उनके मानसिक दिवालियापन का प्रतीक।
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धरना करीब चार घंटे चला और पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया के हस्तक्षेप व आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।
कटारिया ने कहा कि —
“नगर निगम को जनता की समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए, न कि संसद जैसे मुद्दों पर। महापौर अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।”
वहीं, कार्यकारी अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह अठाना ने इसे जनता के हित में उठाया गया साहसिक कदम बताया।
इस मौके पर पार्षद दल के उपनेता कमरुद्दीन कछवाया, पीयूष बाफना, सोनू व्यास, अल्पु नागोरी, धर्मेंद्र मंडवारिया, चिराग भंडारी समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता व नागरिक मौजूद रहे।
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स्थानीय मुद्दों पर बहस से बचने का यह आरोप नगर निगम प्रशासन के लिए अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है। देखना होगा कि महापौर इस पर क्या जवाब देते हैं।


