जिला चिकित्सालय कर्मचारियों का ‘सार्थक एप’ के विरोध में जोरदार प्रदर्शन, कलेक्टर व स्वास्थ्य अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
रतलाम।
जिला चिकित्सालय रतलाम से संबंधित विभिन्न संवर्गों के 11 कर्मचारी संगठनों के जिला अध्यक्षों, प्रतिनिधियों एवं सदस्यों ने जिला मुख्यालय पर एकजुट होकर ‘सार्थक एप्लीकेशन’ के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सिविल सर्जन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिलाधीश महोदय को ज्ञापन सौंपते हुए एप को तत्काल प्रभाव से लागू न करने की मांग की।
कर्मचारी संगठनों ने बताया कि दिसंबर माह की शुरुआत से स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी कर्मचारियों पर सार्थक एप डाउनलोड कर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने का दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यह एप्लीकेशन व्यक्तिगत डेटा एवं लोकेशन तक पूर्ण पहुंच ले रहा है, जिससे कर्मचारियों की निजता का हनन हो रहा है तथा साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसी गंभीर घटनाओं की आशंका बनी हुई है। इस प्रकार की घटनाएं अन्य विभागों में ऑनलाइन अटेंडेंस के दौरान सामने आ चुकी हैं।
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कर्मचारी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सार्थक एप में कई तकनीकी व प्रशासनिक विसंगतियां हैं, जो स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों, विशेषकर फील्ड कर्मचारियों के कार्य क्षेत्र, कार्य समय एवं ड्यूटी व्यवस्था के प्रतिकूल हैं। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है और अनावश्यक मानसिक तनाव की स्थिति बनी हुई है।
मुख्य मांगें
कर्मचारी संगठनों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि—
जब तक सार्थक एप की विसंगतियां दूर नहीं की जातीं, तब तक इसे लागू न किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इस एप से मुक्त रखा जाए।
जिन कर्मचारियों ने प्रशासन के निर्देश पर एप डाउनलोड कर लिया है, उनके वेतन निर्धारण को इस एप से न जोड़ा जाए।



