खुले कुएं ने ली दो मासूम बहनों की जान: बचाने उतरी बड़ी बहन भी डूबी, प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल

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👇 लिसन न्यूज़

खुले कुएं ने ली दो मासूम बहनों की जान: बचाने उतरी बड़ी बहन भी डूबी, प्रशासनिक लापरवाही पर सवालरतलाम जिले के सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम लुणी में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में दो सगी बहनों की कुएं में डूबने से मौत हो गई। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि कुआं बिना मुंडेर का था, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हो गया।

जानकारी के अनुसार ग्राम लुणी निवासी हरीशचंद्र डोडियार (35) की तीन बेटियां रचना (5), इतु (8) और अनीशा (10) गुरुवार दोपहर गांव में ही लक्ष्मण डोडियार के कुएं पर कपड़े धोने गई थीं। करीब दोपहर 2:30 बजे छोटी बेटी रचना (5) तगारी से कुएं से पानी निकालने गई, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे कुएं में गिर गई।

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अपनी छोटी बहन को डूबता देख बड़ी बहन अनीशा (10) उसे बचाने के लिए तुरंत कुएं में उतर गई, लेकिन वह भी गहरे पानी में डूब गई। देखते ही देखते दोनों मासूम बहनों की जान चली गई।

इस दौरान वहां मौजूद तीसरी बहन इतु (8) ने दोनों को डूबते देखा और घबराकर तुरंत घर पहुंचकर परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण जितेंद्र और पूनमचंद सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और कुएं में कूदकर दोनों बच्चियों को बाहर निकाला।

गंभीर हालत में दोनों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरवन ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

पिता बाजार में, मां घर पर थी

घटना के समय बच्चियों के पिता हरीशचंद्र डोडियार बाजार गए हुए थे, जबकि मां कमला घर पर थीं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

बिना मुंडेर का था कुआं

ग्रामीणों के अनुसार जिस कुएं में हादसा हुआ वह कच्चा और बिना मुंडेर का था। प्रशासनिक नियमों के बावजूद ऐसे कुएं और खुले बोरवेल आज भी कई गांवों में खुले पड़े हैं।

प्रशासन के पुराने आदेश पर उठे सवाल

उल्लेखनीय है कि 28 मई 2025 को तत्कालीन कलेक्टर श्री बाथम ने निर्देश जारी किए थे कि क्षेत्र में बिना मुंडेर वाले कुएं और खुले बोरवेल की जानकारी देने वाले व्यक्ति को 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही स्थानीय निकायों से ऐसे कुओं और बोरवेल न होने का प्रमाण पत्र भी लिया गया था।

लेकिन ताजा घटना ने प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे कुओं को सुरक्षित कर दिया जाता तो शायद दो मासूम जिंदगियां बच सकती थीं।

पुलिस ने शुरू की जांच

सरवन थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों बच्चियों के शव पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं।

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