रतलाम राजीव नगर ट्रिपल मर्डर केस तीनों दोषियों को उम्रकैद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया दिलीप देवल

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राजीव नगर तिहरे हत्याकांड में बड़ा फैसला : तीन आरोपियों को तिहरा आजीवन कारावास, मास्टरमाइंड दिलीप देवल पुलिस मुठभेड़ में हुआ था ढेर।

छोटी दीपावली की रात तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाले गिरोह पर न्यायालय का शिकंजा, वैज्ञानिक साक्ष्यों ने दिलाई सजा

111 भौतिक वस्तुएं, 210 दस्तावेज और 33 गवाह बने आधार, डीएनए, बैलेस्टिक रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज ने खोला हत्याकांड का राज

विशेष रिपोर्ट : नारद न्यूज़ 24

रतलाम। वर्ष 2020 की छोटी दीपावली की रात राजीव नगर में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड में लगभग साढ़े पांच वर्ष बाद न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को तिहरा आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है।

 

यह फैसला सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम श्री राजेश नामदेव की अदालत ने सुनाया।

 

इस हत्याकांड को पुलिस ने जघन्य एवं सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में रखा था। मामले की पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार द्वारा की गई।

🔴 घटना : छोटी दीपावली की रात तीन हत्याओं से दहला था रतलाम

25 नवंबर 2020 की रात राजीव नगर निवासी गोविंद सोलंकी, उनकी पत्नी शारदा सोलंकी और पुत्री दिव्या सोलंकी की अज्ञात बदमाशों ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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अगली सुबह किरायेदार नर्स ज्वेलिका अपनी स्कूटी नहीं मिलने पर ऊपर मकान मालिक के कमरे में पहुंची, जहां तीनों के शव खून से लथपथ पड़े मिले। इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हत्या का मामला दर्ज किया गया।

🔴 सीसीटीवी फुटेज से खुला हत्यारों का राज

तत्कालीन थाना प्रभारी रेवलसिंह बराड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की जांच की।

जांच में सामने आया कि आरोपी घटना के बाद किरायेदार ज्वेलिका की सफेद एक्टिवा स्कूटी लेकर भागे थे।

इसी दौरान नूरी गेस्ट हाउस के सीसीटीवी फुटेज में दिलीप देवल और अनुराग उर्फ बॉबी दिखाई दिए, जिनकी पहचान गेस्ट हाउस संचालक गुंजन प्रजापति ने की।

🔴 पूछताछ में खुला पूरा षड्यंत्र

अनुराग उर्फ बॉबी की गिरफ्तारी के बाद उसने अपने साथियों—

● दिलीप देवल

● लाला भाबोर

● गोलू उर्फ गौरव बिलवाल

के साथ मिलकर हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वाहन, कपड़े, जेवरात और अन्य सामग्री बरामद की।

🔴 पुलिस मुठभेड़ में मारा गया मुख्य आरोपी दिलीप देवल

दिलीप देवल की गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस टीम पर देशी पिस्टल से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया।

 

उसके किराए के मकान से देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस, जेवरात और अन्य सामान बरामद किया गया।

🔴 वैज्ञानिक साक्ष्य बने सजा का सबसे मजबूत आधार

✔ डीएनए रिपोर्ट

आरोपियों के कपड़ों, चप्पलों और रूमाल पर मृतक गोविंद, शारदा और दिव्या का डीएनए मिला।

✔ एक्टिवा स्कूटी पर मिला डीएनए

घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी के हैंडल पर आरोपी लाला भाबोर का डीएनए पाया गया।

✔ बैलेस्टिक रिपोर्ट

दिलीप देवल के घर से बरामद देशी पिस्टल से ही हत्या में चली गोलियां और घटनास्थल पर मिले खोखे चलाए जाने की पुष्टि हुई।

🔴 अदालत में पेश हुए मजबूत साक्ष्य

✅ 111 भौतिक वस्तुएं

✅ 210 दस्तावेज

✅ 33 गवाह

इन सभी वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत श्रृंखला के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तिहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

🔴 प्रेमकुंवर सिसोदिया हत्याकांड से भी जुड़ा था दिलीप देवल

जांच में यह भी सामने आया कि दिलीप देवल, हिम्मतसिंह देवल और सुमितसिंह चौहान ने 18 मई 2020 को कस्तूरबा नगर में प्रेमकुंवर सिसोदिया की हत्या भी लूट के उद्देश्य से की थी।

🔴 पटाखों की आवाज में दब जाएं गोलियां, इसलिए चुनी थी छोटी दीपावली

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि छोटी दीपावली के दिन पटाखों के शोर में गोलियों की आवाज सुनाई नहीं देगी, इसलिए दिलीप देवल ने इसी दिन वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी।

🔴 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था

“ऐसे नरपिशाच को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है।”

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🔴 दोषसिद्ध आरोपी

1. अनुराग उर्फ बॉबी परमार (33)

निवासी : विनोबा नगर, रतलाम

2. गोलू उर्फ गौरव बिलवाल (29)

निवासी : रेलवे कॉलोनी, रतलाम

3. लाला उर्फ भारता भाबोर (27)

निवासी : अभलोड लिम्बू फल्या, जिला दाहोद (गुजरात)

4. मुख्य आरोपी दिलीप देवल

पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

🟥 नारद न्यूज़ 24 विशेष टिप्पणी

रतलाम के सबसे चर्चित और सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड में वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी फुटेज

और मजबूत अभियोजन के दम पर अदालत का फैसला सामने आया है। यह निर्णय न केवल अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आधुनिक तकनीकी साक्ष्य न्याय दिलाने में कितने महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।

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