रतलाम, 22 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश शासन ने किसानों के लिए उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली 2.0 लागू कर दी है। नई व्यवस्था में किसानों को अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक खरीदने की अधिक सुविधा मिलेगी। शामिल हो कर देखिए ताजा खबरों पर एक नज़र 👎 👎
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कृषि विभाग के अनुसार रतलाम जिले में मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS), एमपी एग्रो के वितरण केन्द्रों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के पास उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। अब सभी विक्रेताओं द्वारा ई-विकास प्रणाली 2.0 के माध्यम से ही उर्वरक का विक्रय किया जाएगा।

किसान अपनी पसंद का उर्वरक खरीद सकेगा
नई व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण सुविधा यह है कि किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार किसी एक उर्वरक का चयन कर बिना अनावश्यक बंधन के खरीद कर सकेगा। पोर्टल पर फसलवार उर्वरक की अनुशंसित मात्रा और संबंधित उर्वरक समूह की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी।
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किसान आईसीएआर की फसलवार अनुशंसा के अनुसार अथवा उससे अधिक मात्रा में पहली बार में उर्वरक खरीद सकता है। अतिरिक्त मात्रा में उर्वरक लेने पर पहले 50 शब्दों में कारण लिखने की बाध्यता थी, जिसे समाप्त कर दिया गया है। अब किसान को उपलब्ध ड्रॉपडाउन विकल्पों में से कारण का चयन करना होगा।

फसल खराब होने पर दोबारा खाद लेने की सुविधा
यदि किसी किसान की फसल खराब हो जाती है और उसे दोबारा उर्वरक की आवश्यकता पड़ती है, तो ई-विकास 2.0 में Exceptional Handling की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऐसे मामलों में दोबारा उर्वरक की मांग की जा सकेगी। इन प्रकरणों का अनुमोदन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा किया जाएगा।
टोकन निरस्त करने की भी सुविधा
नई व्यवस्था में किसान द्वारा उर्वरक के लिए टोकन जनरेट करने के बाद 24 घंटे के पश्चात टोकन निरस्त करने की सुविधा भी दी गई है। इससे किसानों को अपनी आवश्यकता या परिस्थिति बदलने पर अधिक लचीलापन मिलेगा।

किसानों के लिए क्या करना जरूरी?
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय ई-विकास प्रणाली 2.0 का ही उपयोग करें। साथ ही 20 अगस्त 2026 से चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत किसान अपनी Farmer ID बनवाएं, रबी सीजन के लिए अग्रिम उर्वरक उठाव करें तथा PACS की सदस्यता लेने की प्रक्रिया पूरी करें।
किसान के लिए आसान भाषा में समझें🤔👌👎👎
ई-विकास 2.0 में मुख्य बदलाव:
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किसान अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक का चयन कर सकेगा।
फसलवार उर्वरक की जानकारी पोर्टल पर मिलेगी।
पहली बार में अनुशंसित या उससे अधिक मात्रा में उर्वरक खरीदने की सुविधा।
अतिरिक्त खाद के लिए 50 शब्दों में कारण लिखने की बाध्यता खत्म।

कारण बताने के लिए ड्रॉपडाउन विकल्प उपलब्ध।
टोकन बनने के 24 घंटे बाद उसे निरस्त करने की सुविधा।
फसल खराब होने पर दोबारा खाद की मांग के लिए Exceptional Handling की सुविधा।
जिले में सहकारी समितियों, एमपी एग्रो और निजी विक्रेताओं के माध्यम से उर्वरक उपलब्ध।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे Farmer ID, रबी के लिए अग्रिम उर्वरक उठाव और PACS सदस्यता जैसी जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करें, ताकि आगामी रबी सीजन में उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


