बहते पानी में रपट पार करना पड़ा भारी, बाइक समेत नदी में गिरे दो युवक
एक की तैरकर बची जान, दूसरे की गहरे पानी में डूबने से मौत — 10 साल से अधूरी पड़ी ऊंची पुलिया पर उठे सवाल
रतलाम/ताल। ताल थाना क्षेत्र में ग्राम आसावती और आनाखेड़ी के बीच चंबल नदी की रपट पर 17 सितंबर की दोपहर बड़ा हादसा हो गया। बहते पानी के बीच बाइक से रपट पार करते समय संतुलन बिगड़ने से दो युवक बाइक सहित नदी में जा गिरे। हादसे में एक युवक ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकल आया, जबकि दूसरा गहरे पानी में चला गया। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अन्य ख़बर जानकारिया👎 ग्रुप मे शामिल हो,,
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जानकारी के अनुसार ग्राम मंडावल निवासी 30 वर्षीय बिट्टूनाथ अपनी बुआ के लड़के 24 वर्षीय मांगूनाथ उर्फ मांगीलाल पिता गोपीनाथ निवासी ग्राम लूनी के साथ बाइक से मंडावल से ताल होते हुए ताल-असावती-सीतामऊ मार्ग से सीतामऊ जा रहे थे। आसावती और आनाखेड़ी के बीच चंबल नदी की रपट पर पानी बह रहा था। इसके बावजूद दोनों बाइक से रपट पार करने लगे। इसी दौरान बाइक फिसल गई और दोनों नदी में जा गिरे।
नदी के समीप मां काली मंदिर परिसर में मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल बचाव का प्रयास किया। बिट्टूनाथ को तैरना आता था, वह ग्रामीणों की मदद से बाहर निकल आया, लेकिन मांगूनाथ गहरे पानी में चला गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। करीब आधे घंटे बाद मांगूनाथ को बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। नदी में गिरी बाइक को भी रस्सी की मदद से बाहर निकाला गया।
पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
दस साल से ऊंची पुलिया का👎 इंतजारhttps://youtube.com/@mpnationalnews24
हादसे के बाद ताल-असावती-सीतामऊ मार्ग पर चंबल नदी की रपट को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार रपट काफी नीचे है और बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने पर यहां से आवागमन बाधित हो जाता है। कई बार ग्रामीण बहते पानी के बीच से जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर होते हैं।
आसावती के समाजसेवी प्रेमराज परमार के अनुसार करीब दस वर्ष पहले यहां ऊंची पुलिया का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन कुछ काम होने के बाद निर्माण रुक गया। अधूरे निर्माण को बाद में ढहा दिया गया। इसके बाद दूसरे ठेकेदार को काम दिया गया, लेकिन ऊंची पुलिया का निर्माण फिर भी पूरा नहीं हो सका।
परमार ने बताया कि ग्रामीणों के साथ मिलकर 16 जून 2026 को पुलिया निर्माण की मांग को लेकर धरना भी दिया गया था। उस दौरान अधिकारियों ने जल्द निर्माण शुरू कराने का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों की मांग है कि चंबल नदी पर जल्द ऊंची एवं सुरक्षित पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान आवागमन सुरक्षित हो सके और इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
बहते पानी में रपट या पुलिया पार करना जानलेवा हो सकता है। पानी कम दिखाई देने पर भी तेज बहाव और फिसलन का खतरा रहता है। बारिश के दौरान रपट पार करने से बचें और सुरक्षित मार्ग का उपयोग करें।
चंबल की रपट बनी 👇 जानलेवाhttps://www.youtube.com/@naradhnews2424
◆ बाइक समेत नदी में गिरे दो युवक
◆ एक युवक तैरकर निकला, दूसरे की मौत
◆ एसडीईआरएफ ने आधे घंटे बाद शव निकाला
◆ नदी से बाइक भी रस्सी के सहारे निकाली
◆ 10 साल से ऊंची पुलिया का इंतजार
◆ 16 जून को ग्रामीण कर चुके हैं धरना
◆ बारिश में कई दिनों तक ठप रहता है आवागमन
संवाद दाता शिवम् धाकड़,
प्रधान संपादक दौलत पाटीदार की माताजी का देवलोक गमन पर टिम कार्यकर्ता की ओर से शोक समतृप्त परिवार को वज्र प्रहार से परम पिता परमेश्वर लड़ने की शक्ति प्रदान करें,, ॐ शांति ॐ शांति 🪔🪔।



