रतलाम। शहर में डिजिटल ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने खुद को पुलिस एवं ATS का अधिकारी बताकर एक व्यापारी को कथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा और आपराधिक प्रकरण में फंसाने का डर दिखाकर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 55 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
मामले में रतलाम पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 15 लाख रुपए फ्रीज करवाए गए, जबकि पीड़ित परिवार से होने वाली 20 लाख रुपए की अतिरिक्त ठगी को समय रहते रोक लिया गया।
🇮🇳 कुवैत में मोटर पार्ट्स का कारोबार करता है पीड़ित
बताया गया है कि पीड़ित कुवैत में मोटर पार्ट्स का व्यवसाय करता है और फिलहाल रतलाम आया हुआ था। इसी दौरान साइबर ठगों ने उसे फोन कर खुद को महाराष्ट्र के कोलाबा का पुलिस इंस्पेक्टर बताया। वीडियो कॉल के दौरान पुलिस की वर्दी में दिखाई देकर ठगों ने पीड़ित से उसकी व्यक्तिगत जानकारी हासिल की।
https://chat.whatsapp.com/DrVjtNFaGwPEhayU8Wc381?s=cl&p=a&mlu=4
इसके बाद ठगों ने दावा किया कि उसके नाम से एक मोबाइल नंबर जारी हुआ है, जिससे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के एजेंट से संपर्क किया गया है। अलग-अलग मोबाइल नंबरों और व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए खुद को वरिष्ठ पुलिस एवं ATS अधिकारी बताते हुए पीड़ित को उसके खिलाफ FIR दर्ज होने की बात कहकर डराया गया।
📱 फर्जी दस्तावेज और हथियारों की तस्वीरें भेजीं
ठगों ने पीड़ित को हथियारों से संबंधित तस्वीरें और अन्य दस्तावेज भेजे तथा उनमें दिखाई दे रहे व्यक्तियों की पहचान करने के लिए कहा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के लेटरहेड जैसे दिखने वाले कथित फर्जी दस्तावेज भेजकर मामला गंभीर बताया गया।

ठगों ने बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने को “राशि के सत्यापन” से जोड़ते हुए लगातार दबाव बनाया। इसी डर के कारण पीड़ित ने अलग-अलग खातों में करीब 55 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।
🚨 परिजनों की सजगता से खुला मामला
जब परिजनों ने पीड़ित से संपर्क करने का प्रयास किया और उसने फोन का जवाब नहीं दिया तो पत्नी ने रिश्तेदारों से जानकारी ली। संदेह होने पर परिजन तत्काल साइबर सेल पहुंचे।
टीवी यूट्यूब चैनल पर देखने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें 👎https://youtube.com/@mpnationalnews24
उस समय पीड़ित ठगों के कहने पर 20 लाख रुपए और ट्रांसफर करने की तैयारी में था। माणकचौक पुलिस और प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी ने पीड़ित की काउंसलिंग कर उसे समझाया कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस चुका है। पुलिस की समझाइश के बाद अतिरिक्त 20 लाख रुपए ट्रांसफर होने से बचा लिए गए।
💰 साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई, ₹15 लाख फ्रीज

एसपी अमित कुमार के निर्देश पर माणकचौक थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह चौहान, साइबर सेल प्रभारी एसआई जीवन बारिया एवं साइबर सेल टीम ने तकनीकी कार्रवाई शुरू की। अन्य खबरों के लिए 👎
https://www.youtube.com/@naradhnews2424
पुलिस ने NCRP पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंकिंग चैनल में कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से 15 लाख रुपए फ्रीज करवाए। मामले में ई-FIR भी दर्ज की गई है।
🔎 आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित
पुलिस ने ठगी में शामिल आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और शेष राशि की रिकवरी के लिए विशेष टीम गठित की है। तकनीकी जांच एवं आगे की विवेचना जारी है।

पुलिस की अपील: किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, वीडियो कॉल या ऑनलाइन दबाव में आकर बैंक खाते में रकम ट्रांसफर न करें। पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी फोन अथवा वीडियो कॉल पर इस तरह “डिजिटल अरेस्ट” कर पैसे ट्रांसफर करने के लिए बाध्य नहीं करती। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें या नजदीकी पुलिस/साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क करें।


