डीजे नहीं डमरू और ढोल बजेंगे महाकाल नगरी उज्जैन में

♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

👇 लिसन न्यूज़

नारद न्यूज प्रतिनिधि, उज्जैन : इस वर्ष भगवान महाकाल की सवारियों में धर्म व संस्कृति का अनूठा समागम देखने को मिल रहा है।

29 जुलाई को निकलने वाली भगवान महाकाल की दूसरी सवारी में 350 जवानों का पुलिस बैंड प्रस्तुति देगा। 22 जुलाई को निकली पहली सवारी में आदिवासी कलाकारों के दल ने मनोरम दृश्य प्रस्तुति दी। 

पांच अगस्त को निकलने वाली तीसरी सवारी में एक हजार डमरू वादक शिव प्रिय वाद्य यंत्र की प्रस्तुति देंगे। शिप्रा के दत्त अखाड़ा घाट पर भारतीय संस्कृति के पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।https://www.youtube.com/@naradhnews2424

श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारियों में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश के अनुरूप बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की।

नासिक व काशी से आए कलाकार प्रस्तुति देंगे

बताया गया कि दूसरी सवारी में प्रस्तुति देने के लिए भोपाल पीएचक्यू से 350 जवानों का विशेष पुलिस बैंड उज्जैन आएगा। पुलिस बैंड शिप्रा तट पर पूजन के समय दत्त अखाड़ा घाट पर भी विशेष प्रस्तुति देगा। दूसरी सवारी में जनजातीय दल के कलाकार भी शामिल होंगे।https://www.facebook.com/dolat.patidar

आने वाली सवारियों में नासिक व काशी से आए कलाकार प्रस्तुति देंगे। सवारी में श्रद्धालुओं की सुविधा तथा भीड़ नियंत्रण के लिए विभिन्न विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।सवारी में डीजे के उपयोग को प्रतिबंधित करें

बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हरसिद्धि पाल सहित बाबा महाकाल की सवारी के प्रमुख पाइंट्स पर और बेहतर व्यवस्थाएं की जाए।

सवारी में सम्मिलित होने वाली मंडलियों को ताकीद किया जाए कि ढोल, मंजीरे, डमरू इत्यादि परंपरागत वाद्य यंत्रों के अतिरिक्त डीजे आदि का उपयोग न करें।

नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थलों पर लगाई गई एलईडी के माध्यम से सुचारु रूप से सवारी का लाइव प्रसारण किया जाए।होटल व यात्री गृहों का औचक निरीक्षण

श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आ रहे हैं। भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने आने वाले कावड़ यात्रियों की संख्या भी अधिक है। ऐसे में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों के विश्राम आदि की बेहतर व्यवस्था की जाए।

वहीं, होटल, यात्रीगृह का औचक निरीक्षण किया जाए। यात्रियों से अधिक किराया वसूलने वाले होटल व यात्रीगृह संचालकों पर प्रभावी कार्रवाई होना चाहिए

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram
LinkedIn
Email
Print

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Live cricket updates

Radio

Stock Market Updates

Weather