अवैध सीमांकन करने पहुंचे शासकीय कर्मचारी गिरदावर ने फ़ोन लगाया में कलेक्टर बोल रहा हूं।

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👇 लिसन न्यूज़

सत्ता धारी दबंगों भूमाफिया द्वारा किसान की किमती ज़मीन पर अवैध सीमांकन करने पहुंचे शासकीय कर्मचारी गिरदावर ने फ़ोन लगाया में कलेक्टर बोल रहा हूं।

आइए जानते हैं नारद न्यूज़ की रिपोर्ट।

 

कलेक्टर  कार्यालय जनसुनवाई में आए  रोचक प्रकरण रतलाम जिले के माननीय न्यायाधीश कलेक्ट ऑफिस जिला रतलाम परिसर में यूं तो प्रति मंगलवार कई आवेदन आते रहते हैं जिनका निराकरण संबंधित अधिकारी को देकर किया जाता है वहीं इस सप्ताह  सेजावता  गांव से कुछ लोग 2 घंटे कलेक्टर ऑफिस बाहर धरना देकर बैठे और नारे लगाए उनकी मांग थी कि हमारे साथ अन्याय हुआ है। परिवार मे बीना किसी  के हस्ताक्षर किए पैतृक संपत्ति जमीन का बटवारा हों गया ।https://www.youtube.com/@naradhnews2424

मृतक बहन के बेटियों को  बहला फुसलाकर कर 2  बीघा खरीदने की बात कर  जालिमों ने जालसाजी करते हुऐ  बहन के पीड़ित मंद बुद्धि लड़के तथा लड़की  से गुप चुप हस्ताक्षर करवाए गए।

2 बीघे के नाम पर साई मे दिया कुछ  रकम और सत्ता के दलालों ने 7 बीघा जमीन पर  कब्जा जमाने के मनसूबे को लेकर सिमांकन करने  खेत पर आ गए ।

 

खेत पर काम कर रहे हमे व हमारी महिलाओं से मारपीट की गई। जिसकी सूचना हमने निकट के थाने दी पर दबंगों की मिली भगत से हमारी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।

सीएम हेल्पलाइन नंबर के सहयोग के बाद दर्ज़ हुईं जिसमें भी सामान्य  धारा लगा कर खाना पूर्ति कर दी गई।

हमारी जमीन बैंक ऑफ़ बड़ौदा में गिरवी पड़ी है जिसकी पाऊती भी बैंक ने अपने आधिपत्य में ले रखी है।

बीना दस्तावेज, बिना परिवार हस्ताक्षर , बिना विज्ञप्ति, के जमीन पर अन्य का नाम कैसे जुड़ा ।

बैंक ने हमे नोटिस जारी किया तब जा कर पता चला कि सात बीघा जमीन किसी और के नाम पर भेंटे चढ़ चुकी है।इस संबंध में अन्याय के चलते हमने कई बार जिला अधिकारी जनसुनवाई एवं  हमारी जमीन मेन रोड़ पर स्थित है जो बे शुमार कीमती है जिसे देखकर सत्ता के दबंगों  ने शासकीय रतलाम प्रशासन के कुछ आधिकारियों से साठ गांठ कर फर्जी तरीके से जमीनी दस्तावेज में परवर्तन किया गया है।https://www.facebook.com/dolat.patidar

इस संबंध में अन्याय के चलते हमने कई बार जिला अधिकारी जनसुनवाई एवं सीएम हेल्पलाइन तक आवेदन किया है आवेदन के उपरांत बड़े उच्य हेल्पलाइन के द्वारा दिए गए निर्देशानुसार हमारा निवेदन अमल किया गया।

आदेश  परिपालन मे राजस्व विभाग के सूबेदार गिरदावर ने हमे कलेक्टर बन कर फ़ोन किया और कहा कि तुम सीएम हेल्पलाइन शिकायत वापस लेलो हम तुम्हरा बटवारा, वापस ख़ारिज कर देंगे।

जिसकी रिकर्डिग हमारे पास मौजूद हैं।

भूमाफिया से सांठ गांठ  कर नियम और नीति की धजिया दी गई और हम परेशान किसान परिवार सहित सभी को गुमराह कर आश्वासन देते आ रहे हैं।

आज लगभग डेढ़ वर्ष बीत गया  अब तक हमारे साथ सत्ता धारियों के साथ मिल कर शासन ने भी धोका किया है ।

जिसके चलते आज यहां कुछ किसान इन्साफ के लिए आए हैं, अगर हमारे को न्याय नहीं मिला तो आगामी समय में भूख हड़ताल करेंगे और फिर भी इंसाफ़ नहि मिलता है तो ज़हर खा कर आत्म हत्या करेंगे।

फिर हमारी पैतृक संपत्ति और ज़मीन राजसाद कर देना और सत्ता के दलालों को हिस्सा भी दे देना।

https://twitter.com/naradhnews24

नारद न्यूज़ 24 को प्रजापत ने बताए  गए तथ्यों पर आधारित हैं पीड़ित ने अपने वक्तव्य में बताया इस मामले में तहसीलदार और एसडीएम से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं हो सका।हम पीड़ित दंपति परिवार सहित पिछले सालों से अपने पारिवारिक खेती भूमि के बंटवारे के मामले में प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

 

जिले में प्रशासनिक अनदेखी के चलते एक बार फिर से एक पीड़ित दंपति ने गंभीर कदम उठाने को मजबूर किया जा रहा है।

जनसुनवाई मे अनेक आवेदन, भोपाल में जा कर आवदेन देना प्रशासनिक अनदेखी की गंभीरता को दर्शाता है।

नारद न्यूज़ 24 रतलाम मध्यप्रदेश।

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