“भ्रष्टाचार के दागदार दस्ताने – रतलाम के राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी का नंगा नाच”। नारद न्यूज़ 24 में आप देख रहे हैं सच का पर्दाफाश ।

पटवारी को 6000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया है।
— क्या अब किसान और महिला को भी न्याय पाने के लिए रिश्वत देनी होगी?
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले से एक बार फिर शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जहाँ राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारी प्रवीण जैन को 6000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। यह घटना न केवल कानून के रखवालों पर प्रश्नचिन्ह है, बल्कि यह एक सड़े हुए सिस्टम की बदबू भी उजागर करती है।
घटना का संक्षिप्त विवरण:
स्थान: जावरा ब्लॉक, खेड़ा खेड़ी ग्राम पंचायत, हल्का बामन खेड़ी
आरोपी: पटवारी प्रवीण जैन
शिकायतकर्ता: श्यामु बाई (महिला किसान)
रिश्वत की मांग: जमीन के डायवर्शन के बदले 6000 रुपये
कार्रवाई: उज्जैन लोकायुक्त टीम द्वारा 2:15 PM पर जावरा स्थित कार्यालय में रंगे हाथों गिरफ्तार

जैसे ही महिला ने शिकायत की, उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रवीण जैन को महिला से रिश्वत लेते ही रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया और अब आरोपी से पूछताछ जारी है।

प्रदेश में प्रेस रिपोर्टरों के सामने आज 3 बड़े सवाल खड़े हैं:
1. क्या हर किसान को अब जमीन के डायवर्शन, नामांतरण, या खसरा-खतौनी जैसे बुनियादी हक के लिए भी रिश्वत देनी पड़ेगी?
2. क्या राजस्व विभाग में ईमानदार अधिकारियों की जगह भ्रष्टाचारियों ने व्यवस्था को अपने कब्जे में ले लिया है?
3. कब तक आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए इन अधिकारियों की जेब भरनी पड़ेगी?
भ्रष्टाचार की यह दीमक अगर अब नहीं रोकी गई, तो यह व्यवस्था को खोखला कर देगी।
किसानों और महिलाओं को न्याय नहीं मिलेगा, तो समाज किस दिशा में जाएगा?
“राजस्व विभाग अब नहीं रहा जनता का सेवक – यह तो रिश्वतखोरों का अड्डा बन गया है।
शासन और समाज दोनों को अब आंख खोलनी होगी।”
नारद न्यूज़ 24 प्रस्तुत है एक तीखा, तथ्यात्मक और जनभावनाओं से जुड़ा हाईलाइटेड विस्तृत प्रेस नोट, जो न केवल भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज़ है, बल्कि राजस्व विभाग के ढीले सिस्टम ।
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Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


