कोर्ट का बड़ा फैसला: सीमांकन हटाने की कोशिश पर हमला करने वाले 5 आरोपी दोषी करार सजा के साथ दण्ड

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📌 राजस्व जमीनी विवाद पर कोर्ट का बड़ा फैसला: सीमांकन हटाने की कोशिश पर हमला करने वाले 5 आरोपी दोषी करार 5,5 वर्ष का कारावास।

 

📍रतलाम | दिनांक: 05 जून 2025
राजस्व विवाद और सीमांकन की अवहेलना कर हिंसा करने वाले पांच आरोपियों को न्यायालय ने गंभीर धाराओं में दोषी पाते हुए धारा 307/149 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2000-2000 का अर्थदंड सुनाया है। यह निर्णय माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरा द्वारा सुनाया गया।
1 जून 2022 को थाना नामली अंतर्गत सेमलिया रोड मरीमाता मंदिर के पास फरियादी भंवरलाल के खेत पर नवज्योति विद्यापीठ की बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य चल रहा था।
इसी दौरान सीमांकन से असंतुष्ट अभियुक्त प्रेमा बाई ने पटवारी द्वारा किए सीमांकन को हटाने की कोशिश की।
जब फरियादी परिवार ने विरोध किया, तो अभियुक्त महेश, गोविन्द, पंकज, प्रेमा बाई एवं नवीन ने मिलकर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया, जिसमें फरियादी का पुत्र विजय गंभीर रूप से घायल हुआ।
 न्यायिक प्रक्रिया व सजा:
धारा 148 भा.द.वि. (घातक हथियारों से बलवा): सभी आरोपियों को 2 वर्ष का सश्रम कारावास।
धारा 307/149 भा.द.वि. (जानलेवा हमला सामूहिक रूप से): सभी को 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2000 का अर्थदंड।
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✅ अभियोजन पक्ष की ओर से जिला लोक अभियोजक श्री सुरेश कुमार वर्मा द्वारा सशक्त पैरवी की गई।
✅ कुल 14 मौखिक एवं 40 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
✅ वैज्ञानिक साक्ष्य को भी निर्णय में आधार बनाया गया।
🔸 सीमांकन सरकारी प्रक्रिया है, इसमें अवरोध उत्पन्न करना दंडनीय अपराध है।
🔸 जमीन विवादों में हिंसा के बजाय कानूनी उपाय ही उचित मार्ग हैं।
🔸 न्यायालय द्वारा यह निर्णय स्पष्ट करता है कि सामूहिक हिंसा और सरकारी प्रक्रिया में बाधा को गंभीरता से लिया जाता है।
भूमि विवाद की स्थिति में कानूनी सलाह लें, स्वयं निर्णय लेना घातक हो सकता है।
पटवारी या तहसील कार्यालय द्वारा किए गए सीमांकन को चुनौती देने के लिए वैधानिक प्रक्रिया अपनाएं – जैसे पुनः सीमांकन की अपील या न्यायिक समीक्षा।
जमीन विवादों में हिंसा से बचें – यह कानूनन अपराध है और जीवन व भविष्य दोनों को खतरे में डालता है। यह निर्णय एक मिसाल के तौर पर कार्य करेगा और राजस्व विभाग के सीमांकन कार्यों में हस्तक्षेप करने वालों के
लिए एक सख्त चेतावनी भी है।

Naradh News24
Author: Naradh News24

प्रधान संपादक

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