बीजेपी पूरा कर पाएगी 400 पार का नारा?

आखिरी राउंड की लड़ाई खोने-पाने के लिहाज़ से सबसे दिलचस्प है. पूर्वांचल को बीजेपी ने जाति गणित से भी साधा है. बंगाल में सभी 9 सीटों पर पिछली बार TMC जीती थी. इसमें भी आधी सीटों पर जीत का बड़ा अंतर था. पंजाब से बीजेपी को खास उम्मीद है, क्योंकि यहां आम आदमी पार्टी कांग्रेस के साथ नहीं है, और बीजेपी ने दोनों के ही कई नेताओं को इंपोर्ट करके टिकट दिया है. चुनाव का नतीजा क्या होगा, ये 4 जून को सुबह से पता चलेगा. कल से एग्ज़िट पोल भी शुरू हो जाएंगे. वो भी कुछ अनुमान बताएंगे. कुल मिलाकर रिज़ल्ट में अभी 4 दिन हैं. लेकिन राजनीतिक पार्टियों ने अपने एग्ज़िट पोल पहले ही शुरू कर दिए थे.

बीजेपी अपने स्टैंड पर कायम है कि अबकी बार 400 पार ही होगा. लेकिन इंडिया अलायंस ने 5वें चरण के बाद ज़ोर-शोर से बोलना शुरू किया कि वो 300 पार करने जा रहा है. इससे पहले तक उसके नेता सिर्फ़ बीजेपी के नंबर बता रहे थे, अपने नहीं. आपको दिखाते हैं कि विपक्ष के नेताओं ने अब तक बीजेपी के स्कोर को 400 पार से कम करके कितना कम बताया है.
बीजेपी 200 सीटों पर अटक जाएगी – ममता
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तेजस्वी यादव ने कहा था बीजेपी 240 से ज्यादा सीटें नहीं लाएगी. अरविंद केजरीवाल का दावा था बीजेपी 220 सीटें ही ला पाएगी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा बीजपी 200 सीटे भी नहीं जीत पाएगी. ..ममता बनर्जी ने भी यही नंबर दिया कि बीजेपी 200 सीटों पर रुक जाएगी. प्रियंका गांधी ने इसमें 20 सीटें कम कर दीं. कहा बीजेपी की 180 सीटें आएंगी. राहुल गांधी ने इसमें 30 और कम कीं. कहा बीजेपी 150 ला पाएगी. अखिलेश यादव ने इसमें 10 और घटाईं. कहा बीजेपी 140 पर रुक जाएगी.

अब जबकि चुनाव अपने अंतिम चरण में है, तो बस एक अंतर आया है. वो ये कि विपक्ष अपने को 300 पार बता रहा है. जबकि बीजेपी के आत्मविश्वास में 400 पार को लेकर कोई बदलाव नहीं आया है.
रैलियों का किंग कौन?
अब आपको बताते हैं कि अब तक के सबसे लंबे चुनाव में प्रचार की रेस कितनी लंबी रही है, और ये रेस किस पार्टी के किस नेता ने जीती है. तो इसमें पहला नाम है प्रधानमंत्री मोदी का. प्रधानमंत्री ने इस बार अपना 2019 के प्रचार का रिकॉर्ड तोड़ दिया. मोदी ने 2019 में 142 रैलियां की थीं. लेकिन इस बार 75 दिनों में 206 रैलियां, इवेंट और रोड शो किए.
बीजेपी से दूसरा नंबर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है, जिन्होंने 204 रैलियां, रोड शो और सम्मेलन किये हैं. तीसरे नंबर पर गृह मंत्री अमित शाह रहे, जिन्होंने 188 रैलियां और रोड शो किये. चौथे नंबर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रहे, जिन्होंने 94 रैलियां कीं. पांचवे नंबर पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं जिन्होंने 87 रैलियां और रोड शो किये. इस लिस्ट को NDA तक ले जाएं तो नीतीश कुमार छठे नंबर पर हैं. नीतीश ने 72 रैलियां की हैं.
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तेजस्वी यादव ने की 251 रैलियां
विपक्ष की बात करें तो रैलियों की रेस में नंबर वन का दावा तेजस्वी यादव का है. तेजस्वी यादव ने इस चुनाव में 251 रैलियां की हैं. दूसरे नंबर पर प्रियंका गांधी हैं. प्रियंका ने इस चुनाव में 108 रैलियां की हैं…राहुल गांधी ने पूरे देश में प्रचार किया, लेकिन 107 की संख्या के साथ रैलियों के मामले में तीसरे नंबर पर हैं. चौथे नंबर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे हैं, जिन्होंने 100 रैलियां और प्रेस कांफ्रेंस की हैं. अखिलेश यादव पांचवे नंबर पर हैं, उन्होंने 83 रैलियां की.

विपक्ष में कांग्रेस को छोड़कर ज्यादातर नेता अपने राज्यों तक सीमित रहे. अरविंद केजरीवाल भी दिल्ली और पंजाब में ही रैलियां और रोड शो कर पाए, क्योंकि प्रचार के दौरान ज़्यादा वक्त जेल में ही बीत गया था.।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


