भगवान भोलेनाथ का प्रिय महीना सावन इस बार बेहद खास, 

♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

👇 लिसन न्यूज़

 

Sawan Somwar : भगवान भोलेनाथ का प्रिय महीना सावन अब कुछ दिन बाद शुरू होने वाला है।

सावन के महीने में भोलेनाथ की शिवलिंग पर जल चढ़ाने, व्रत रखने और पूजा पाठ करने का अपना ही अलग महत्व है। सावन के महीने में पढ़ने वाला पहला सोमवार बहुत महत्वपूर्ण होता है.https://www.youtube.com/@naradhnews2424

 

जय Bholenaath, Sawan 2024 : सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई 2024 को  हैं, इसी दिन से सावन माह की शुरुआत होगी. इस दिन व्रत रखने और शिवजी का अभिषेक करने का विधि विधान माना जाता है. देवाधिदेव महादेव का प्रिय महीना सावन 22 जुलाई सोमवार से शुरू होकर अगले महीने की 19 अगस्त सोमवार को खत्म होगा। इस महीने में भगवान शंकर की पूजा पूरे उत्साह के साथ की जाती है। शिवपुराण के अनुसार जो व्यक्ति सावन महीने में सोमवार का व्रत रखता है और भगवान शंकर की पूजा करता है, कहते हैं उसे मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि भी बढ़ती है। विवाहित महिलाएं श्रावण मास के सोमवार का व्रत रखती हैं।

 

सनातानिक धर्म आचार्यों ने  नारद न्यूज़ 24 को बताया की  शिवजी की पूजा के लिए सबसे अच्छा महीना सावन है कई शुभ संयोगों के साथ शुरू हो रहा है। इस दिन श्रवण नक्षत्र, प्रीति योग, सिद्धि योग, कौकिल करण के साथ ही बहुत पुण्यदायी सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग की संभावना रहेगी। ऐसे शुभ और अच्छे संयोग में उमा-महेश्वर की पूजा, व्रत और जल चढ़ाना बहुत लाभकारी रहेगा। https://naradhnews24.in/

 

जल और बेलपत्र

 

भगवान शिव केवल जल और बेलपत्र चढ़ाने से भी प्रसन्न होते हैं।  सावन माह में पांच साल बाद पांच सोमवार का अद्भुत संयोग बन रहा है। जिसमें दो कृष्ण पक्ष में और तीन शुक्ल पक्ष में होंगे। सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को, दूसरा सोमवार 29 जुलाई को, तीसरा सोमवार 5 अगस्त को, चौथा सोमवार 12 को और पांचवां सोमवार 19 अगस्त को है। श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और अभिषेक आदि करने से बाधाएं, रोग, शोक और कर्ज से मुक्ति मिलती है।

 

 

 

जलाभिषेक से मिलता है श्रेष्ठ फल

 

पौराणिक कथा के अनुसार सावन माह में ही समुद्र मंथन किया गया था। समुद्र मंथन के बाद निकले विषैले पदार्थ को भगवान शंकर ने अपने अंदर समाहित कर सृष्टि की रक्षा की थी। विष के प्रभाव को कम करने के लिए देवी-देवताओं ने उन्हें जल अर्पित किया था। इसलिए शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विशेष महत्व है। श्रावण माह में भोले को जल चढ़ाने से विशेष फल मिलता है।https://whatsapp.com/channel/0029VaJYtli8kyyGSdvdZO1Z

 

 

 

असाध्य रोगों से मुक्ति मिलेगी

 

यदि व्यक्ति या परिवार का कोई सदस्य असाध्य रोग से ग्रसित है तो उसे सावन के सोमवार को जल में दूध और काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। अभिषेक करते समय ॐ जूं सा मंत्र का जाप करें। इसके अलावा महामृत्युंजय का 11 हजार, 21 हजार या सवा लाख बार जाप करने या किसी योग्य ब्राह्मण को संकल्प दिलाने से रोग, व्याधि और शोक से मुक्ति मिलती है।

 

Naradh News24
Author: Naradh News24

प्रधान संपादक

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram
LinkedIn
Email
Print

Leave a Comment

Live cricket updates

Radio

Stock Market Updates

Weather




error: Content is protected !!