प्रदेश की सज़ा जापता महिला कैदी के अरमानों का गला घोट कर की सरेआम हत्या।

नारद न्यूज़ 24 मिली जानकारी में मध्यप्रदेश के साथ सभी जेलों मे सजा जापता कैदियों में वर्ष 2024 की संख्या वर्तमान समय के ताजा रुझान में बताए जा रहे लगभग 4.53 लाख पुरुष और 19 हजार 81 महिला कैदी हैं। जिसमें 70 फीसदी तो अंडर ट्रायल हैं, 30 फीसदी ही दोषी हैं। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में एक लाख कैदी हैं। मध्य प्रदेश में 44 हजार 603 और बिहार में 39 हजार 814 कैदी हैं।https://www.youtube.com/@naradhnews2424
उपयुक्त लिखित पूर्व अनुमानित आंकड़े में प्रदेश के शिव राज रूपी वर्तमान मोहन सरकार के चलते कार्य काल में विशेष निर्णय लिए ।
पुलिस अधीक्षक एवम् जेल प्रभन्दक से प्रदेश के डीजी सहित संबंधित अधिकारीयों ने पुरुष कैदियों को राखी बांधने के लिए बहनों को शासकीय व्यवस्था बना कर बहनों को अपने भाई को व्यस्था के साथ राखी बांधने की छूट में समर्थन मिल गया ।
लाखों की संख्या पुरुष के चलते तारतम्य में हजारों महिला कैदी भी हैं उन पर विचार विमर्श कर स्पष्ट पारदर्शी निर्णय को उजागर नहीं किया गया।
महिला कैदी द्वारा अपने भाई को राखी बंधवाने पर प्रकाश डालने में उदासीनता उजागर साबित हुई है ।
पुरुष कैदियों की बहने हैं तो क्या महिला कैदी के भाई नहीं, महिला कैदी के लिए अपने भाई प्रति कोई भावना का महत्व में कमी दर्ज हुई ।
राखी बांधने के पिछले दिनों चल रहे लगातार प्रशासनिक मंथन के बाद निष्कर्ष में निकला डालडा घी।

किसी इलेक्ट्रानिक, सोशल , प्रेस मीडिया, या जिम्मेदार अधिकारियों ने आज तक स्पष्ट नहीं किया कि महिला कैदी के भाइयों को भी अपनी बहन से राखी बंधवाने के इंतजाम किए गए हैं।अल्प संख्यक महिला कैदी पर आम जनता के अनुसार हुई ना इंसाफी ।
इस बात को भूल समझा जाय या भेदभाव,।https://www.facebook.com/dolat.patidar
नारद न्यूज 24 प्रधान सम्पादक ने रतलाम जिले के प्रभन्दक जेलर से निवेदन कर पूछा गए सवाल पर दबी आवाज में बताया गया कि हां अगर कोई कैदी महिला का भाई भी आयेगा तो अंतिम समय में भाई की कलाई पर राखी बंधवाने का इंतजाम करवा दिया जाएगा।
मीडिया कैमरे के सामने आ कर बताने से किया इन्कार । अधिकारी का समयाभाव था या मजबूरी कुछ बताया नहीं जा सकता। रतलाम शहर जेल लगभग में 625 कैदी पुरुष और 25 महिला कैदी हैं।

जहां महिला और पुरुष में समानता का अधिकार जता कर बड़ी बड़ी की बातें करने वाले राजनीतिक दल हो प्रशासन अधिकारी सभी मान्यता प्राप्त देश भक्तो,ने अपने फायदे के लिए जनता को वोट बैंक के रूप में स्तेमाल किया है।
उन हज़ारों की संख्या में जैल काट रही महिला का जुल्म क्या ज्यादा बड़ा संगीन जुर्म है जो वर्तमान के बनाए गए अधिकारों से वंचित होने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।https://www.instagram.com/naradhnews24/
अब आपको बता दें कि, कुछ समय पुराने आंकड़े के अनुसार प्रदेश मे कुल 131 जेलें हैं। इनमें 11 सेंट्रल जेल, 41 जिला जेल और 73 उप जेल समेत 06 खुली जेल हैं।
पूर्व विवेचना अनुसार मध्यप्रदेश में कोई विशेष और महिला जेल नहीं है। प्रदेश की जेलों में महिला की संख्या 1758 है, तो वहीं पुरुष जेलों मे संख्या 42 हजार 845 है।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


