श्मशान विहीन गांव बरसाती और छाते के निचे हुवा अंतिम संस्कार ।
सैलाना तहसील क्षेत्र अंतर्गत श्मशान विहीन आदिवासी एक गांव हे जो सांसर नाम से जाना जाता हैं
( नारद न्यूज संवाददाता धनपाल सिंह भंडारी शेरपुर)
सैलाना तहसील क्षेत्र अंतर्गत श्मशान विहीन आदिवासी एक गांव हे जो सांसर नाम से जाना जाता हैं
विधान सभा में चयनित विधायक कमलेश्वर डोडियार के कार्य क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत सांसर मे पागड़िया मऊडी गांव है जो की एक आदिवासी अंचल से है जहां 99 % ग्रामीणजन मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं।https://www.facebook.com/dolat.patidar
जिनके पास इतना पैसा नहीं है कि वह जन सहयोग से मिल कर श्मशान घाट का निर्माण कर सके। प्रदेश के समस्त राजनेतिक और प्रशासन फाइलों में दर्ज विकास की लहर के ढकोसले मे वाह वाही लूटने वाले के साथ आज कुछ ऐसे भी गांव बचे हुए हैं जहा अभी तक अंतिम संस्कार करने के लिए कोई सुरक्षित स्थान ओर रास्ते नहीं है।

बारिश में बिगड़ते मौसम मे हुवा वृद्ध का अन्तिम संस्कार दिल को झकझोर देने वाली ख़बर सामने आई है।तेज रफ्तार बारिश में ग्रामीणों ने प्लास्टिक की बरसाती तान कर के नीचे किया दाह संस्कार।
23 अगस्त आदिवासी अंचल से राजू कटारा उम्र 60,वर्ष पिता जीवन कटारा जिनकी अचानक मृत्यु हो गई। जिनकी धर्मपत्नी कमली बाई कटारा जो की शारीरिक विकलांग है। जिनके दो पुत्र मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते है। पिता के अन्तिम संस्कार और गरीबी जुझ रहे पुत्रों पर डबल वज्र प्रहार हुआ।https://www.youtube.com/@naradhnews2424
यह समस्या सिर्फ़ आज की नहीं भूतकाल से चली आ रही इस समस्या का सामधान आज तक नही हो पाया है। अंतिम संस्कार में श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे ग्रामवासी, लक्ष्मण कटारा, धूलजी कटारा, रमेश कटारा, शंकर कटारा, बद्री कटारा, राजू मईडा, तोलाराम वसुनिया, कमरू कटारा ,शांतिलाल कटारा, बापू कटारा ने बताया कि हमे बारिश के समय कही कहीं तो प्लास्टिक की बरसाती भी हवा में उड़ जाती है। और दाह संस्कार मे आग की लपटे बरसात में बुझ जाती है। न तो खड़े रहने का स्थान और न ही बैठने की सुविधा ।
ऐसे में काफी दुविधा का सामना करना पड़ रहा है। पूरी ख़बर प्राप्त करें ????https://naradhnews24.in/
आदीवासी क्षेत्र के सामाजिक समर्थन मे विधायक होते हुए भी मूलभूत सेवाओं से पिछड़े नाराज ग्रामीणों का कहना है कि अगर हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों के द्वारा इस समस्या के बारे में कई बार ग्राम पंचायत सरपंच को मौखिक रूप में सूचना दी गई लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


