रतलाम में नगर निगम अधीक्षक गोपाल झारनिवाल ने सल्फास खा कर आत्महत्या करने की कोशिश

रतलाम नगर निगम में कर्मचारियों का बड़ा आक्रोश,निगम अधीक्षक ने की आत्महत्या की कोशिश, की इस घटना ने नगरनिगम के कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है औरअधिकारियों के खिलाफ कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया है। जानिए पूर्ण पारदर्शी ख़बर …

रतलाम, खबर( नारद न्यूज)
4 सितंबर बुधवार सुबह नगर निगम कार्यालय में अचानक करचारियों के बिच हडकंम मच गया
जब, नगर निगम के कार्यालय अधीक्षक गोपाल
झारीवाल ने निगम के लेखा अधिकारी द्वारा वेतन वृद्धि
की राशि काटने से नाराज होकर जहर खाकर
आत्महत्या करने की कोशिश की। वहां मौजूद
कर्मचारियों ने समय रहते उनसे सल्फास की गोलियों की डिब्बी छिन ली।

जानकारी के अनुसार घटनाक्रम बुधवार सुबह निगम कार्यालय खुलने के बाद का है। निगम कार्यालय के फर्स्ट फ्लोर पर नगर निगम आयुक्त हिमांशु भट्ट के चेंबर के समीप कार्यालय अधीक्षक झारीवाल व लेखापाल बालोत्रा का आमने-सामने कक्ष है। झारीवाल अपनी वेतन वृद्धि की राशि काटने से नाराज होकर लेखाकक्ष के बाहर जमीन पर धरने पर बैठ गए।
निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को जब इस बात की जानकारी लगी तो सभी वहां पहुंचे। इसी दौरान कार्यालय अधीक्षक ने वेतनमान की वृद्धि नहीं देने का विरोध जताया और लेखा अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी भी की।
इसी दौरान कार्यालय अधीक्षक ने सल्फास की डिब्बी खोल आत्महत्या करने की कोशिश की। वहां मौजूद कर्मचारियों ने हाथ में से डिब्बी छिनी और उनके मुंह पर हाथ रख दिया।https://www.youtube.com/@naradhnews2424
कार्यालय अधीक्षक श्री झारीवाल ने कहा पदोन्नती के बाद उन्हें मिलने वाली वेतनमान वृद्धि पूर्व में प्राप्त हो रही थी। पिछले दो माह से उन्हें वेतनवृद्धि काट कर वेतन दिया जा रहा है। निगम आयुक्त, स्थापना शाखा प्रभारी और लेखापाल बालोत्रा को भी पूर्व में शिकायत कर चुके है। श्री झारीवाल ने बताया शासन के आदेशनुसार हमारे कर्मचारियों के वेतन में चौथा
वेतनमान लगाया गया था। बिना किसी आदेश के दो
माह से लेखाधिकारी विजय बालौत्रा द्वारा वेतनवृद्धि
काट दी। इसलिए यह कदम उठाना पड़ा। इस घटनाक्रम
के बाद अधिकारी हरकत में आए और वेतनवृद्धि की
प्रोसेस शुरु की। कार्यालय अधीक्षक की माने तो 10 से
15 ऐसे कर्मचारी जिनके वेतन में चौथा समयमान

वेतनवृद्धि रोकी गई है।
लेखाधिकारी विजय बालोत्रा का कहना था कि स्थापना
से जो बिल करेक्शन होकर आते है वह हम पारित करते
है। स्थापना ने काटा, ऑडिट ने कुछ लिखा था। हमने
करेक्शन कर वापस वेतन जोड़ दिया। वेतन आज होना
था और कोई कर्मचारी नहीं है।
वहीं गोपाल झारनिवाल का कहना है
कि वह अधिकारियों की प्रताड़ना से
परेशान हो गया है। इस वजह से उसने
सल्फास खाकर आत्महत्या करने का
फैसला लिया था। झारनिवाल ने बताया
कि राज्य शासन द्वारा कर्मचारियों के
वेतन में दिसंबर 2023 से चौथा समय
वेतनमान लगाने के आदेश दिए गए थे,
जो उनके वेतन में भी लग चुका था।
लेकिन पिछले तीन महीनों से नगर
निगम के लेखा अधिकारी द्वारा उनके
सहित करीब 12 कर्मचारियों के वेतन में
चौथा समय वेतनमान की राशि नहीं
- लगाई जा रही थी। इस वजह से
कर्मचारियों को हर माह करीब साढ़े तीन
हजार रुपए का नुकसान हो रहा था।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


