चाइनीज लहसुन का केन्द्र बना लखनऊ।

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चाइनीज लहसुन का केन्द्र बना लखनऊ उत्तर प्रदेश इन दिनों चाइनीज लहसुन का केन्द्र बन गई है। राजधानी में यह लहसुन नेपाल के रास्ते से पहुंच रहा है। विभाग कस्टम इसे पकड़ तो रहा है पर नष्ट नहीं कर रहा है। 

नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल हो रहे सैकड़ों टन चीनी लहसुन के खिलाफ कस्टम विभाग ताबड़तोड़ कार्रवाई कर उन्हें जब्त तो करता है, ।

लेकिन इस चाइनीज लशन को नष्ट कराने की कार्रवाई करने में वह काफी पीछे है।

चीनी लहसुन के जांच में खतरनाक कैमिकल व मानवीय गुण वक्ता अनुरूप साबित नहि हुई है।

पौध संरक्षण निदेशालय की रिपोर्ट के बाद भी महीनों पुरानी खेप अभी तक नष्ट नहीं कराई गई है। उधर, जिम्मेदार अफसरों के तमाम दावों के बाद भी बाजार में खुलेआम चीनी लहसुन धडल्ले से बिक रहा है।

 

 

 

कस्टम के लखनऊ कमिश्नरेट के अफसरों ने 27 दिन पहले बाराबंकी के रामसनेही घाट पर 10 टन चीनी लहसुन को जब्त कर एक गाड़ी सीज की। लेकिन, अभी भी इसे नष्ट नहीं कराया गया है। कस्टम की दलील है कि रिपोर्ट का इंतजार है। जबकि, इससे पहले भी चीनी लहसुन के पकड़े जाने के मामले आए, लेकिन वह भी नष्ट नहीं करवाए गए। कस्टम विभाग चीनी लहसुन जब्त करने के बाद सैंपल कृषि विभाग के पौध संरक्षण निदेशालय को भेजता है, जो कि लैब में जांच करवाने के बाद कस्टम विभाग को चीनी लहसुन नष्ट कराने को कहता है। पौध संरक्षण निदेशालय के संयुक्त निदेशक जीपी सिंह का कहना है कि हमने पूर्व में भी चीनी लहसुन के सैंपल की जांच करवाकर उसे नष्ट कराने की रिपोर्ट दी। यह भी लिखा कि जब्त चीनी लहसुन को उनके सुपरविजन में नष्ट कराया जाए। लेकिन, कस्टम विभाग की तरफ से चीनी लहसुन नष्ट कराने के लिए उनके पास कोई संदेश नहीं आया है।

चीनी लहसुन पर लखनऊ कमिश्नरेट को एक और सफलता

लखनऊ कस्टम कमिश्नरेट को सप्ताह भर पहले 23 टन चीनी लहसुन को जब्त करने में एक और बड़ी सफलता मिली है। कस्टम विभाग के अफसरों के मुताबिक 21 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद नेपाल से तस्करी कर दो ट्रकों में लाए जा रहे 230 क्विंटल यानी 23 टन चीनी लहसुन को पकड़ा है। बताया कि अफसरों ने फूलपुर-प्रयागराज हाईवे पर चीनी लहसुन से भरे ट्रक पकड़े। लखनऊ कस्टम (प्रिवेंशन) कमिश्नरेट की तरफ से बताया गया कि आयातित सूचना पर उन्हें कस्टम एक्ट 1962 के जरिये कार्रवाई करने का अधिकार है।

बॉर्डर पार से तस्करी रोकने की इनको है जिम्मेदारी नेपाल बॉर्डर पर सीमा शुल्क न होने के चलते चीनी लहसुन नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल होता है। बॉर्डर पार से अवैध तरीके से कोई भी कृषि उत्पाद देश में दाखिल न हो इसके लिए पौध सरंक्षण निदेशालय की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी है। जांच कर सीज करने का अधिकार भी है। लेकिन, कस्टम व पौध संरक्षण विभाग की लापरवाही की वजह से नेपाल बॉर्डर से चीनी लहसुन की तस्करी जारी है।

शहर में अभी भी

शहर में चीनी लहसुन की बिक्री पर मंडी समिति, एफएसडीए समेत तमाम आढ़ती चीनी लहसुन को न बेचने की बात करते हैं, लेकिन इनके दावों का शहर में कोई खास असर नहीं दिख रहा है। शनिवार को भी मुंशी पुलिया की थोकमंडी, जबकि नरही के फुटकर सब्जी बाजार में चीनी लहसुन बिकता मिला। उधर, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह ने बताया कि टीम निरीक्षण कर रही है। शनिवार को एक भी सैंपल नहीं लिया गया। इससे पहले दुबग्गा और सीतापुर रोड मंडी समेत 9 जगहों से सैंपल जुटाए गए हैं। सैंपल की जांच के लिए एनसीएमएल लैब गुड़गांव को भेजा गया है। एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी गई है।

 

चीनी लहसुन पर कस्टम का वर्जन

बाराबंकी के जब्त चीनी लहसुन की रिपोर्ट आना बाकी है। पूर्व के मामलों में नष्ट कराने की प्रक्रिया चल रही होगी। जब्त सामान रखने का गोदाम डिवीजन ऑफिस में होता है। जब्त किए गए सभी चीनी लहसुन की खेप को नष्ट करवाया जाएगा।

Naradh News24
Author: Naradh News24

प्रधान संपादक

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