ग्रामीणों ने डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन कर कैरेक्टर कार्यालय के सामने धरना दिया एवं कुछ ही समय पश्चात डॉक्टर प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया।
जड़वासा कलां में बीते शुक्रवार को बालम ककड़ी खाने से एक परिवार के 5 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए थे. जिसमें एक 5 वर्षीय बालक की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान पहले की मौत हो गई थी. वहीं अन्य लोगों का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था. इसी दौरान रविवार को एक और 8 वर्षीय साक्षी की भी मौत हो गई है. मेडिकल कॉलेज में 3 दिनों से भर्ती साक्षी की तबीयत और बिगड़ने पर परिजन उसे बड़ौदा लेकर जा रहे थे. तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई.https://www.youtube.com/@naradhnews2424
ग्रामीणों ने प्रशासन को संबंधित डॉक्टर मेडिकल कॉलेज को बर्खास्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
बढ़ती ला परवाही पर एक ही परिवार की दूसरी मौत ने मेडीकल कॉलेज डाक्टर की अनदेखी और सोनो ग्राफी की सुविधाओं के अभाव में आरोप लगाते हुए कार्रवाई मे अवैध कार्य कर अचानक अंजाम दिया।
मऊ नीमच फोर लाइन रोड पर जाम लगा दिया वहीं

सबसे पहल ग्रामीणों से बात करने एसडीएम
अनिल भाना और तहसीलदार ऋषभ ठाकुर
आए। लेकिन ग्रामीण कलेक्टर राजेश बाथम
को बुलाने की मांग पर अड़ गए। एसडीएम
ने 4 से 5 लोग साथ में चल कलेक्टर से
मिलवाने को कहा। इस दौरान कलेक्टर
ने मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टरों को
भी बुलाया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से
कहा कि डॉक्टर भी आए है कुछ ग्रामीण
अंदर चलकर बातचीत कर शिकायत कर
दर्ज करा दे। लेकिन ग्रामीण नहीं माने,
कलेक्टर और डॉक्टरों को सबके सामनेवह बुलाने की मांग पर अड़ गए।
तब स्टेशन रोड थाना प्रभारी राजेंद्र वर्मा
ग्रामीणों के बीच गए। बालिका के चाचा रविपाटीदार और अन्य ग्रामीणों को समझाया।
थाना प्रभारी की समझाइश पर सभीग्रामीण मान गए। थाना प्रभारी ग्रामीणों को लेकर वापस कलेक्ट्रेट में आए। इस कारण
ज्यादा देर तक रोड पर जाम नहीं लगा रहा।बालिका के चाचा रवि पाटीदार ने कहा कि हमारी मांग है कि डॉक्टरों को हमेशा के
लिए ड्यूटी से हटाया जाए। दो से ढाई घंटे
तक कलेक्टोरेट में बैठे रहे किसी ने बात
नहीं सुनी। इसलिए सड़क पर आना पड़ा।
एस डी एम और एएसपी सीढ़ियों पर बैठ सुनी
बात ग्रामीणों के वापस कलेक्ट्रेट आने के बाद
अपर कलेक्टर आरएस मंडलोई और
एएसपी राकेश खाखा आए। कलेक्ट्रेट की
सीढ़ियों पर बैठे परिजनों और ग्रामीणों से
चर्चा की। एएसपी खाखा ने ग्रामीणों और
परिजनों से घटनाक्रम पूछा। उसके बाद उन्हें
समझाया और पुलिस द्वारा 7 दिन में जांच
का आश्वासन दिया। उसके बाद सभी माने।
अधिकारी फिर कलेक्टर राजेश बाथम से
मिलाने परिजन और कुछ ग्रामीणों को लेकर
गए। ग्रामीणों से कलेक्टर ने चर्चा की। उन्हें
आश्वास्त दिया कि जो भी दोषी होगा उस
पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीण
माने।
प्रशासन अधिकारियों ने समझाइए एवं कार्रवाई करने की मांग को स्वीकार कर संज्ञान में लिया है। Narad news 24 Ratlam
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक



