
पिछले दिन चाल बाज की चालाकी को किया विफल ,साइबर सेल की टीम के एसआई राजा तिवारी, कांस्टेबल मयंक व्यास, विपुल भावसार द्वारा धोखाधड़ी से धड़कन हुई तेज युवक को सहयोग प्रदान कर सलाह देते हुए कहा बचाव के पुलिस की मदद ज़रूर ले रतलाम में एक युवक को फर्जी पुलिस अधिकारी बन डिजिटल अरेस्ट करने का प्रयास किया गया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपके खाते में 80 लाख का इलीगल फंड आया है। आपके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। बैंक डिटेल्स, चेक बुक लेकर अकेले कमरे में आओ। युवक पहले तो डरा, लेकिन बाद में अपने भाई को घटनाक्रम बताते हुए साइबर सेल तक पहुंच गया। साइबर सेल के अधिकारियों ने बिना डरे कॉल डिस्कनेक्ट करने को कहा। इससे युवक डिजिटल अरेस्ट के नाम से होने वाली धोखाधड़ी से बच गया।
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घटनाक्रम शहर के रिटायर्ड कॉलोनी का है, जहां एक युवक के पास रविवार दोपहर अनजान नंबर से वाट्सएप वाइस कॉल आया। कॉलर ने खुद को दिल्ली पुलिस अधिकारी बताया। कहा कि आपके खाते में 10 लाख रुपए फर्जी हैं। इस पर फर्जी पुलिस अधिकारी ने युवक को बैंक डिटेल्स और चेक बुक लेकर एक कमरे में अकेले आने के लिए कहा। यह भी कहा कि आप डिजिटल अरेस्ट रहेंगे। किसी से संपर्क नहीं कर सकते।युवक ने दिखाई समझदारी युवक ने समझदारी से काम लेते हुए अपने भाई को बताया, जिसने सायबर सेल से संपर्क करने की सलाह दी। वह फर्जी पुलिस अधिकारियों को बात करते करते ही अपने भाई के साथ एसपी कार्यालय स्थित साइबर सेल पहुंच गया। जहां पूरा घटनाक्रम भाई ने बताया। साइबर सेल रतलाम ने युवक से बिना डरे फर्जी पुलिस अधिकारियों से कॉल डिस्कनेक्ट करने को कहा।

यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन या बैंक डिटेल्स को शेयर नहीं करें। सुरक्षा के देखते हुए बैंक खाते को टेंपरेरी फ्रिज करवाने के लिए कहा। इस तरह युवक डिजिटल अरेस्ट होने वाली धोखाधड़ी से बच गया।
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दिमाग से डर निकाला साइबर सेल की टीम के एसआई राजा तिवारी, कांस्टेबल मयंक व्यास, विपुल भावसार द्वारा युवक की काउंसलिंग की। युवक के मन से डर निकालकर साइबर अपराधियों द्वारा किए जा रहे डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के बारे में बताकर जागरूक रहने को कहा। साइबर टीम ने फर्जी मोबाइल नंबर की रिपोर्ट कर ब्लॉक करवाने की कार्रवाई की।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


