देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र जी मोदी के कुंभ स्नान का स्मार्ट प्रोटोकॉल ।

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 हवाई जहाज से पहुंचे, स्टीमर से संगम गए; मेले में एंट्री नहीं ली ताकि श्रद्धालु परेशान न हों

Prime Minister मोदी आज प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे। उन्होंने त्रिवेणी संगम में स्नान करने के बाद गंगा पूजन किया।

 प्रधानमंत्री SPG के विशेष सुरक्षा घेरे में रहते हैं। उनके लिए VVIP प्रोटोकॉल फॉलो किया जाता है। यानी PMके आने-जाने के दौरान इलाके में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।

29 जनवरी की भगदड़ के बाद मोदी के आने से आम लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए बेहद स्मार्ट प्रोटोकॉल बनाया गया। प्रधानमंत्री की करीब 2 घंटे की विजिट और संगम स्नान के दौरान मुख्य मेला क्षेत्र में न तो ट्रैफिक बदलना पड़ा और न ही आम लोगों का स्नान रोकना पड़ा। ये सब कैसे हुआ, 5 पॉइंट से समझते हैं….

पॉइंट 1: दिल्ली से बमरौली एयरपोर्ट तक एयरक्राफ्ट से

पॉइंट 2: एयरपोर्ट से अरैल में DPS स्कूल के अंदर बने हेलिपैड तक हेलिकॉप्टर से

पॉइंट 3: DPS स्कूल से अरैल घाट कार से

पॉइंट 4: अरैल घाट से त्रिवेणी संगम तक स्टीमर सेपॉइंट 5: संगम में डुबकी लगाकर उसी रूट और मोड से वापसी।

प्रधानमंत्री के आने-जाने का पूरा रास्ता यमुना पार के इलाके में था। जबकि मेला नदी के दूसरी ओर लगा हुआ है। सभी 13 अखाड़ों के पड़ाव भी उसी तरफ हैं। लिहाजा स्नान और दर्शन के लिए सभी श्रद्धालु वहीं मौजूद हैं। चूंकि प्रधानमंत्री दूसरी तरफ से आए, इसलिए उनके प्रोटोकॉल के लिए आम लोगों पर पाबंदियां नहीं लगाई गईं। प्रधानमंत्री के विजिट का रूट मैप यहां देखिए…प्रयागराज में मोदी का रूट_

PM संगम गए, आम लोगों का स्नान नहीं रुका

अब सवाल उठ सकता है कि प्रधानमंत्री आए भले ही दूसरी ओर से हों, लेकिन उन्होंने स्नान तो संगम में ही किया। महाकुंभ में आए हर श्रद्धालु की भी इच्छा होती है वह संगम पर पहुंचे और डुबकी लगाए। इसलिए यहां सुबह से रात तक लगातार भीड़ रहती है। तब तो लोगों को दिक्कत हुई होगी।

यह सवाल इसलिए भी, क्योंकि प्रयागराज महाकुंभमें बुधवार सुबह 8 बजे तक करीब 42 लाख श्रद्धालु डुबकी लगा चुके थे। 4000 हेक्टेयर का मेला क्षेत्र 25 सेक्टर में बंटा है। यहां 41 घाट हैं,

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। यहां मोदी के स्नान के लिए भी खास प्लान बनाया गया। वे स्टीमर से ही संगम के बीच मौजूद प्लेटफॉर्म पर पहुंचे और डुबकी लगाई। इसके बाद वहीं से अरैल घाट की तरफ लौट गए। इसलिए न रास्ते बंद करने पड़े और न घाट। आम लोग रोज की तरह स्नान करते रहे।

मेला क्षेत्र 4000 हेक्टेयर में, 41 घाटों पर स्नान

कुंभ में संगम के पास सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली।

• एरिया 4000 हेक्टेयर, 25 सेक्टर में बांटा

इन्हीं सेक्टर्स में 13 अखाड़ों के पंडाल

कुल 41 घाट – 10 पक्के, 31 अस्थायी

• संगम नोज के

पास सेक्टर 3-4 में सबसे ज्यादा भीड़।

 

 

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