भोले की भक्ति में 40 किलोमीटर पदयात्रा – बाबा विश्वनाथ देवपुर धाम में होगा 51 लीटर जल से अभिषेक

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👇 लिसन न्यूज़

 

स्थान: आरोन – देवपुर धाम (सिरोंज)

रिपोर्टिंग विशेष – सावन मास कांवड़ यात्रा 2025

 

सावन मास में शिवभक्तों की आस्था का सैलाब एक बार फिर देखने को मिला, जब रिजोदा गांव से जुड़े श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ की भक्ति में लीन होकर 51 लीटर जल से भरी कांवड़ अपने कंधों पर रखकर, लगभग 40 किलोमीटर पैदल यात्रा प्रारंभ की। इस कांवड़ यात्रा का शुभारंभ आरोन के प्राचीन सनकादिक आश्रम स्थित श्रीराम दरबार मंदिर से विधिपूर्वक पूजन अर्चन कर किया गया।

 

पूजन के पश्चात आश्रम के महंत श्री श्री 1008 श्रीसंत दास जी महाराज ने शिवभक्तों को आशीर्वाद देकर भक्ति मार्ग पर शुभकामनाएं दीं। यात्रा का उद्देश्य केवल शिव अभिषेक नहीं, बल्कि क्षेत्र में सुख-शांति, अच्छी फसल, समाज कल्याण एवं विश्व शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना रहा।

 

 

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🙏 इन श्रद्धालुओं ने उठाया 51 लीटर जल का धर्मभार:

 

कांवड़ यात्रा में शामिल हुए प्रमुख शिवभक्तों में

हरिनारायण ओझा, सुनील शर्मा ‘जसवंत गोस्वामी’, रामगिरी, देशराज यादव, मलखान सिंह, वीरेंद्र, शिवजीत सिंह, संतोष सेन, छोटू सेन, अनिल, नीलेश, सोनू, नीतेश, शिवा ओझा, राम ओझा आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

इन सभी ने बताया कि जब शरीर थकता है, तो भोले का नाम ऊर्जा देता है और जल की भारी कांवड़ भी फूल-सी लगती है।

 

 

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🌸 नगरवासियों ने किया भव्य स्वागत:

 

आरोन नगर में जगह-जगह भक्तों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।

श्रीदास हनुमान मंदिर में कांवड़ियों ने विश्राम कर हनुमानजी के दर्शन किए। यहाँ पर चल रही भागवत कथा के व्यास श्री आशीष भार्गव व उनकी मंडली ने शिव भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्ति से सराबोर कर दिया।

 

 

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🌟 समाजसेवियों का योगदान:

 

कांवड़ यात्रा के स्वागत और सेवा में पं. छगनलाल तिवारी, बनवारीलाल सोनी, शेर सिंह धाकड़, राजेश शास्त्री, डॉ. सोनू रघुवंशी, भानु सोलंकी, अंकित भार्गव, दीपक रघुवंशी सहित कई सामाजिकजनों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

 

उन्होंने यात्रियों को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानपूर्वक विदाई दी और नगर निकासी तक साथ चलकर उनकी भक्ति का समर्थन किया।

 

 

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⛳ गंतव्य: बाबा विश्वनाथ देवपुर धाम (सिरोंज)

 

यह यात्रा सिरोंज तहसील के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल “देवपुर धाम” पर समाप्त होगी, जहां सभी शिवभक्त 51 लीटर जल से भोलेनाथ का महा अभिषेक कर क्षेत्र की समृद्धि व संसार के कल्याण की प्रार्थना करेंगे।

 

 

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🔱 हर हर महादेव!

 

कांवड़ यात्रा न केवल धार्मिक परंपरा है, बल्कि यह हठयोग, सेवा, संयम और समर्पण का प्रतीक है।

श्रद्धालुओं का यह भाव, समाज में भक्ति की लौ को और भी प्रज्वलित करता है।

भोलेनाथ के जयकारों से

गूंजते कांवड़ पथ पर, आस्था फिर एक बार विजयी हुई।

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