राजस्थान के अरावली पर्वत पर लगभग 1700 फीट ऊँचाई पर विराजमान देवी नन्दनी माता धाम में श्रावण मास की पूर्णाहुति यज्ञ विधिविधान से सम्पन्न हुआ।

जनश्रुति के अनुसार, द्वापर युग में स्वयं अवतरित हुई माता नन्दनी ने इस ऊँची पहाड़ी पर अपना आश्रय स्थल बनाया, जो आज भी करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। श्रद्धालु कठिन चढ़ाई कर नियमित दर्शन हेतु पहुँचते हैं।
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पहले यह स्थान दुर्गम था, लेकिन समय के साथ जनसहयोग और समिति के प्रयासों से यहाँ सीढ़ियाँ, पानी, विद्युत व्यवस्था और मंदिर का जीर्णोद्धार सम्पन्न हुआ। गांव-गांव जाकर निधि संग्रह से निर्मित भव्य मंदिर आज भक्तों को दर्शन कराता है।

यहाँ की मान्यता है कि माँ नन्दनी स्वयं नवरात्रि में गरबा खेलने मानव रूप में आती थीं और प्राचीन समय में यहाँ स्वतः होलिका दहन भी होता था।

श्रावण मास और नवरात्रि में यहाँ हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है, विशेषकर राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश से। श्रद्धालु मानते हैं कि माँ के दरबार में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।

ग्रामीण श्रद्धालुओं ने अपने श्रम और सेवा से इस पर्वतीय धाम को एक भव्य आस्था केंद्र बना दिया है।

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Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


