रतलाम में प्रशासन और संगठन के बीच हुई संवादपूर्ण चर्चा से एक बड़ा आंदोलन टल गया।
दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से स्थिति सामान्य बनी हुई है और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि शेष मुद्दों पर भी शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
टीवी यूट्यूब चैनल पर देखने के लिए दी गई लिंक पर टच करें और चैनल को सब्सक्राइब करें, आम जनता की निष्पक्ष आवाज़ प्रत्येक यक्ति को अलग अलग देना संभव नहीं 👇👇
https://youtube.com/@mpnationalnews24
रतलाम में करणी सेना का आंदोलन हुआ निरस्त — प्रशासन के साथ बातचीत के बाद टला प्रदर्शन
रतलाम। 31 अक्टूबर 2025 को रतलाम में प्रस्तावित करणी सेना परिवार का बड़ा आंदोलन अब स्थगित कर दिया गया है। गुरुवार देर शाम करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर और जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों के बीच हुई चर्चा के बाद आंदोलन निरस्त करने का निर्णय लिया गया।

करणी सेना ने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन की कार्यप्रणाली और निष्क्रियता के विरोध में 31 अक्टूबर दोपहर 12:15 बजे कलेक्टोरेट पहुंचने का आह्वान किया था। आंदोलन में रतलाम सहित मंदसौर, नीमच, उज्जैन, धार और इंदौर जिलों से बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी।
🔸 प्रशासन से बातचीत के बाद हुआ फैसला
गुरुवार को करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर, यादवेंद्र सिंह तोमर सहित संगठन के एक प्रतिनिधि मंडल ने रतलाम के पुराने पुलिस कंट्रोल रूम में प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की।
चर्चा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि करणी सेना की अधिकांश मांगे पहले ही पूरी की जा चुकी हैं, इसलिए आंदोलन की अब आवश्यकता नहीं है।👇👇
https://www.youtube.com/@naradhnews2424
संगठन प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि प्रशासन द्वारा सकारात्मक कार्रवाई की गई है, इसलिए आंदोलन को फिलहाल समाप्त किया जा रहा है।
इस दौरान एडीएम शालिनी श्रीवास्तव, एएसपी विवेकलाल, सीएसपी रतलाम सत्येंद्र घनघोरिया, सीएसपी जावरा, एसडीएम आर्ची हरित, एसडीओपी किशोर पाटनवाला और डीएसपी अजय सारवान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
🔸 प्रमुख मांगे — कंजर समुदाय के आतंक और दलालों पर कार्रवाई
करणी सेना परिवार की प्रमुख मांगों में जिले में सक्रिय कंजर समुदाय के अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करना, चोरियों में शामिल दलालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करना, नाबालिग बालिका की बरामदगी, और आदिवासी युवती के अपहरण के मामलों में शीघ्र कार्रवाई शामिल थीं।
इसके साथ ही संगठन ने पुलिस प्रशासन से धारा 84 एवं 85 बीएनएसएस के अंतर्गत आरोपियों की संपत्ति अटैच करने और लसुडिया नाथी की नाबालिग बालिका को खोजने की मांग भी की थी।
🔸 पुलिस की तत्परता — आंदोलन से पहले मिली सफलता
आंदोलन की घोषणा होते ही पुलिस हरकत में आ गई।
कालूखेड़ा थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग बालिका को उत्तर प्रदेश से बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया गया।
वहीं आलोट पुलिस ने कंजर समुदाय के मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया कनेक्शनों से कुछ संदिग्ध दलालों के नाम सामने आने पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
🔸 सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा सतर्क
पूर्व में हुए आंदोलनों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार विशेष सतर्कता बरती।
कांग्रेस ने मिलन समारोह कर भाजपा पर दागे गोले हैरान हुऐ लोग कुर्सी छोड़ भोजन के लिए निकले श्रोता 👇👇
https://youtu.be/EOt9nCQ_69I?si=ap3a8oWXhnu1E0S3
जिले में धारा 144 लागू की गई और पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया था।
गौरतलब है कि करणी सेना परिवार पिछले कुछ महीनों से मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों — हरदा, मंदसौर और इंदौर — में भी प्रदर्शन कर चुका है।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


