रातभर दहशत, रहवासी इलाका फिर खतरे में; प्रशासन के ढीले नियम बने सवाल**
नारद न्यूज़24 (Highlighters)
आधी रात 12:30 बजे कबाड़ा गोदाम में लगी भीषण आग30–35 फीट ऊंची लपटें, पूरा इलाका दहशत में
चार घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, तीन दमकलों ने 35+ टैंकर पानी डाला
प्लास्टिक, वायर, पन्निया और कार्टून की बड़ी मात्रा जलकर राखआसपास की दुकानों की छत पर रखे कूलर-फ्रिज भी जलकर खाक
बिजली लाइन और डीपी के चलते पूरे क्षेत्र की सप्लाई बंदलाखों का नुकसान अनुमानित, कारणों की जांच जारी चार साल पुराने आदेश के बाद भी गोदाम नहीं हटे—प्रशासन पर उठे सवाल
शहरवासी बोले: दबंगों की दबंगई और ढीला सिस्टम किसी दिन बड़ा हादसा करवाएगा
📰 विस्तृत रिपोर्ट
मध्यप्रदेश के रतलाम शहर के हाट रोड से वेदव्यास कॉलोनी जाने वाले मार्ग पर स्थित कबाड़ा गोदाम में बीती रात भीषण आग लग गई। रात 12:30 बजे अचानक उठी लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।
प्रेम प्रसंग कलेक्टर कार्यालय पर 👇👇
https://youtu.be/8YbP4or5uYE?si=9YH3WHfl5bUwqhxl
30 से 35 फीट ऊंची उठती आग की दीवारें देखकर पूरा मोहल्ला घरों से बाहर निकल आया।
रहवासी क्षेत्र होने के कारण चारों ओर हड़कंप और दहशत का माहौल बन गया।
🔥 कैसे फैली आग?
गोदाम से घना धुआँ और तेज लपटें उठने लगीं।
स्थानीय लोगों ने बाल्टियाँ, पाइप और मोटरों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की,
परंतु बहुत देर हो चुकी थी —
गोदाम में रखा प्लास्टिक, तार, पन्निया, कार्टून और ज्वलनशील सामग्री तुरंत भड़क उठी। ज्यादा खबरों के लिए 👇 https://youtube.com/@mpnationalnews24
🚒 चार घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन
कुछ ही देर में नगर निगम की दमकल मौके पर पहुंची।लेकिन पानी खत्म होते ही आग दोबारा भड़क उठती।
स्थिति बिगड़ती देख
नामली नगर पंचायत और इप्का की दमकलें भी मौके पर बुलानी पड़ीं।
➡ 35 से अधिक टैंकर पानी डालने के बाद
➡ करीब चार घंटे में आग पर काबू पाया जा सका।
युवाओं ने भी रातभर मोर्चा संभालकर फायर ब्रिगेड की मदद की।
⚡ आसपास के दुकानदारों को भी बड़ा नुकसान
आग की लपटें इतनी ऊंची थीं किपास की दुकानों की छतों पर रखा सामान भी जल गया।
एक युवक ने बताया—
कूलर मैकेनिक की दुकान की छत पर रखे 4–5 कूलर जल गए
पास की फ्रिज रिपेयरिंग दुकान के 6–7 पुराने फ्रिज राख हो गए
गोदाम के ऊपर और आसपास बिजली लाइन और डीपी थी, इसलिए सुरक्षा के लिए पूरी लाइन बंद करनी पड़ी।
धुआँ वेदव्यास कॉलोनी सहित कई मोहल्लों तक फैल गया।
👮 पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया—
पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची, सुरक्षा व्यवस्था की गई, और आग बुझाने में फायर टीम को सहयोग दिया गया।
उन्होंने स्पष्ट कहा:
“रहवासी इलाकों में स्थित गोदामों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
लेकिन यह बयान भी शहरवासियों का भरोसा नहीं जगा सका,
क्योंकि चार साल से कार्रवाई सिर्फ कागजों में है।
**📌 चार साल बाद भी नहीं हटे रहवासी इलाकों से गोदाम

— प्रशासन की ‘ढील’ फिर उजागर**
14 अक्टूबर 2021 में मोहन नगर स्थित प्लास्टिक पाइप गोदाम में लगी आग के बादतत्कालीन कलेक्टर ने 67 गोदामों को शहर से बाहर शिफ्ट करने के आदेश और नोटिस जारी किए थे।
मगर—आज तक एक भी गोदाम शहर से बाहर नहीं गयानोटिस जारी, फाइलें बंद, कार्रवाई शून्य दबंगों की पकड़ और सिस्टम की ढिलाई के कारणआग की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं
इतना ही नहीं —30 नवंबर 2024 — विरियाखेड़ी कबाड़ा गोदाम में आग
17 अक्टूबर 2025 — पटेल कॉलोनी में स्टील वर्कशॉप और केमिकल गोदाम में आगऔर अब हाट रोड पर इस भीषण आग नेफिर खतरे की घंटी बजा दी है।
**⚠️ शहरवासी बोले —
“दबंगों की दबंगई और प्रशासन की नर्मी किसी दिन बड़ी मौत का कारण बनेगी”**
लोगों का कहना है—👇👇
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रहवासी क्षेत्रों में ज्वलनशील गोदामों की अनुमति देना अवैध और खतरनाक कार्रवाई केवल कागजों पर,
न कोई मॉनिटरिंग, न पालनकिसी दिन ऐसी आग से बड़ी जनहानि हो सकती है
**📣 जनता की मांग —
“गोदामों को तुरंत शहर से बाहर शिफ्ट कराया जाए”**
इस हादसे के बाद शहरवासियों ने फिर आवाज उठाई है कि—कबाड़ा, प्लास्टिक, केमिकल, लकड़ी
और ज्वलनशील सामग्री के गोदाम
रहवासी इलाकों से तुरंत हटाए जाएँ।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


