रतलाम।
रतलाम–बांसवाड़ा रोड पर गुरुवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब एंबुलेंस की टक्कर से युवक की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। यह जाम करीब ढाई से तीन घंटे तक चला, जिससे दोनों ओर का यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, नंदलाई गांव के निवासी दरबार डोडियार को बुधवार को बाईपास के आगे नंदलाई फंटे के पास धामनोद की ओर से आ रही एंबुलेंस ने टक्कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल युवक को पहले रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से बुधवार रात उसे बड़ौदा रेफर किया गया। उपचार के दौरान बीती रात उसकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिजनों व ग्रामवासियों में आक्रोश फैल गया। गुरुवार सुबह शव को रतलाम–बांसवाड़ा रोड पर रखकर अपराधी एंबुलेंस चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।
स्कूल बसें और एंबुलेंस जाम में फंसी
चक्का जाम के चलते सुबह का समय होने से स्कूली बच्चों की बसें, निजी वाहन और यहां तक कि एम्बुलेंस भी जाम में फंस गईं। कई जगह बच्चों को बसों से उतारकर पैदल भेजना पड़ा, वहीं एक निजी स्कूल को छुट्टी तक घोषित करनी पड़ी।

रतलाम से डेलनपुर तक निजी स्कूलों की बसें लंबी कतारों में फंसी रहीं, बाद में पुलिस को डायवर्जन करना पड़ा।
सीसीटीवी में कैद हुई घटना
बताया जा रहा है कि यह हादसा पास की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। पुलिस ने एंबुलेंस को अपने कब्जे में ले लिया है।
24 घंटे में कार्रवाई का लिखित आश्वासन
औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी टीआई सत्येंद्र रघुवंशी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। उन्होंने लिखित आश्वासन दिया कि 24 घंटे के भीतर आरोपी चालक के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी। टीआई रघुवंशी ने बताया कि 10 तारीख को ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और एंबुलेंस (संदीप एंबुलेंस) पुलिस कब्जे में है।

मौके पर रतलाम जिला तहसीलदार श्री ऋषभ ठाकुर एवं नायब तहसीलदार मनोज चौहान भी पहुंचे और मृतक के परिजनों को नियम अनुसार सहायता राशि दिलाने का भरोसा दिलाया।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले दरबार डोडियार अपने पीछे पत्नी, 12 वर्षीय बेटा, 10 वर्षीय बेटी और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गए हैं। प्रदर्शन के दौरान पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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लंबे सम
झाइश और आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। इसके पश्चात टीआई सत्येंद्र रघुवंशी ने स्वयं शव को उठवाने में सहयोग किया, तब जाकर यातायात बहाल हो सका।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


