अंधविश्वास बना दोहरी हत्या की वजह — 3 साल के मासूम और पिता की नृशंस हत्या में तीन दोषियों को दोहरे आजीवन कारावास।

रतलामजादू-टोना और तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर तीन वर्षीय मासूम बालक आदर्श और उसके पिता राजाराम खराड़ी की नृशंस हत्या के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने पांच वर्ष बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
प्रकरण में पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया

कि सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश, रतलाम — श्री राजेश नामदेव ने तीन आरोपियों को दोहरे-दोहरे आजीवन कारावास एवं 1,11,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
न्यायालय ने साफ कहा —

“विश्वास या अंधविश्वास कोई भी हो, किसी निर्दोष की हत्या कानून में अक्षम्य अपराध है।”
📌 घटना की पृष्ठभूमि (पूर्व जानकारी)
घटना दिनांक: 20 फरवरी 2021
थाना: शिवगढ़
ग्राम: ठिकरिया, जिला रतलाम
मृतक राजाराम पिता कांजी उर्फ कन्हैयालाल खराड़ी (उम्र 24 वर्ष) रतलाम में होम्योपैथिक डॉक्टर थे।
उनकी पत्नी जिला चिकित्सालय रतलाम में स्टाफ नर्स हैं।
राजाराम का तीन वर्षीय पुत्र आदर्श इस अमानवीय कृत्य का शिकार बना।
🚨 पुलिस कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम
थाना प्रभारी — आर.एस. भाबोर (शिवगढ़) द्वारा दर्ज रिपोर्ट के अनुसार,

दिनांक 20/02/2021 को जिला चिकित्सालय रतलाम पुलिस चौकी से सूचना मिली कि राजाराम को जादू-टोना के दौरान गंभीर रूप से पीटकर मृत अवस्था में लाया गया है तथा ग्राम ठिकरिया में तांत्रिक क्रिया चल रही है।
सूचना मिलते ही —
सहायक उपनिरीक्षक: प्यारसिंह अलावे
उपनिरीक्षक: शीना खान
उपनिरीक्षक: डी.एल. दसोरिया
प्रधान आरक्षक: विमलेश दुबे
आरक्षक: महेंद्र कुमार, मनीष
महिला आरक्षक: संगीता, प्रिया
आरक्षक: मुकेश
पुलिस बल के साथ गांव ठिकरिया पहुंची।
🕯️ घटनास्थल का भयावह दृश्य
मकान के अंदर से चीख-पुकार, तेज सेंट और अगरबत्ती की गंध आ रही थी।

दरवाजा अंदर से बंद होने पर पुलिस ने बलपूर्वक दरवाजा तोड़ा।
कमरे के अंदर मिला:
कटे नींबू
सिंदूर
अगरबत्ती
स्टील की परात व लोटा
लकड़ी की मुसली
तांत्रिक क्रिया का सामान

तीन वर्षीय आदर्श अर्धमूर्छित अवस्था में आरोपी माया पलासिया की गोद में मिला।
थोड़ी देर बाद उसकी भी मृत्यु हो गई।
👩⚖️ आरोपी 3
दोषी करार दिए गए आरोपी
तुलसीबाई पलासिया
पति: राधेश्याम पलासिया
उम्र: 45 वर्ष
माया पलासिया
पिता: राधेश्याम पलासिया
उम्र: 24 वर्ष
राहुल पलासिया
पिता: ईश्वरलाल पलासिया
उम्र: 27 वर्ष
निवासी: धराड़
तीनों दिनांक 22/02/2021 से जेल में बंद हैं।
⚖️ दोषमुक्त किए गए
विक्रम खराड़ी (उम्र 33 वर्ष)
सागर खराड़ी (उम्र 27 वर्ष)
➡️ साक्ष्य के अभाव में बरी

🔬 वैज्ञानिक साक्ष्य (FSL रिपोर्ट)
आरोपी माया से जप्त तलवार व लेगी
आरोपी राहुल के कपड़े
एफएसएल भोपाल रिपोर्ट में मृतक आदर्श का खून पाया गया, जिसने अभियोजन पक्ष को मजबूत किया।
न्यायालय का फैसला (वर्तमान स्थिति)
लगाए गए अपराध:
धारा 120-बी, 342, 450, 323, 302 भादवि
सजा:

10-10 वर्ष का सश्रम कारावास
दोहरे-दोहरे आजीवन कारावास
₹1,11,000 का जुर्माना
मुआवजा:
₹50,000 — मृतक आदर्श के दादा कन्हैयालाल
₹10-10 हजार —
थावरीबाई
निकिता
माला खदेड़ा
निष्कर्ष
यह फैसला केवल तीन दोषियों की सजा नहीं, बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास, जादू-टोना और तांत्रिक कुप्रथाओं के खिलाफ कड़ा संदेश है।

कानून ने साफ कर दिया है —
आस्था के नाम पर हत्या नहीं, केवल सजा मिलेगी।।
घटना स्थल पर हाईलाइट विस्तृत ख़बर 🫵👇👇
बाहर का दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे किन्तु अंदर का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने पर भी कोई नहीं बोल रहे थे। अदर किसी बड़ी घटना की आशका होने से मौके पर उपस्थित फोर्स व गवाहों की मदद से लकड़ी के दरवाजे को तोडकर कमरे के अदर प्रवेश किया। कमरे के अदर पुरा सामान बिखरा हुआ पड़ा था। कमरे में कटे हुए नींबू, सिंदूर, अगरबत्ती, स्टील की पराते लोटा, टूटी फुटी हालात में व लकड़ी का मुसली तथा तांत्रिक क्रिया का अन्य समान बिखरा हुआ पड़ा था कमरे के अंदर तिखी सेंट की गंध आ रही थी एक छोटा बच्चा आर्दश उम्र करीब 3 साल के ऊपर माया नाम की लड़की बैठी हुई थी व उसके मुंह में अपनी उंगलियां फसा रखी थी और आर्दश अर्धमूर्छित अवस्था में था जिसके ऊपर से माया को तत्काल हटाया। कमरे में ही वृद्ध महिला थावरीबाई को भी जमीन पर गिराकर उसके ऊपर तुलसीबाई बैठी हुई थी।
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थावरीबाई घायल अवस्था में थी जिस पर से तुलसी को अलग हटाया। कमरे में अनिता पति विक्रम खराड़ी कोने में अपनी 06 वर्ष की बच्ची निकिता को लेकर बैठी थी जो काफी घबराई हुई थी निकिता को भी चोट लगी हुई थी। वहीं पर माला पति विजय खदेड़ा भी थी जिसकी कमर में चोट लग कर कपड़ों पर खून लगा हुआ था। दोनो कमरे की अलमारी और उनके लाकर खुले होकर कपडे व अन्य समान बाहर बिखरा हुआ था। मौके से घायलों को तत्काल वाहन से ईलाज हेतु पी.एच.सी शिवगढ़ महिला आरक्षक संगीता गामड़ व आरक्षक मुकेश ओसारी के साथ रवाना किया। घटनास्थल से मिले समान को जप्त किया। देखिए 👇 अगली 2 👎👎
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मौके पर घटना के संबंध में कन्हैयालाल उर्फ कांजी खराड़ी, अनिता पति विक्रम खराड़ी, विजय खदेड़ा व अन्य लोगो से पूछताछ की गई जिन्होंने बताया की मुसली, औंधी तलवार, स्टील की परात व लोटे से आरोपीगण के द्वारा मारपीट की है। फोर्स को मौके पर सुरक्षा हेतु लगाया। जिला चिकित्सालय रतलाम से सहायक उपनिरीक्षक प्यारसिंह अलावा द्वारा बताया गया की घायल बालक आर्दश की भी मृत्यु हो चुकी है

तथा आर्दश एवं राजाराम की पी.एम की कार्यवाही होना है। फिर जिला चिकित्सालय रतलाम महिला वार्ड पहुंचकर ईलाज हेतु भर्ती घायल सीमा से पूछताज कि गई किन्तु सीमा के गले में सिक्का फंसा होने से तथा थावरीबाई को गंभीर चोट होने से बोल नहीं पा रही थी। हमराह स्टाफ के वापस थाना आ कर तुलसीबाई पलासिया, अजय पलासिया एवं माया पलासिया एवं अन्य तीन आरोपी के विरुद्ध जादू टोना तांत्रिक क्रियाओं के बहाने आपस में षडयंत्र रचकर राजाराम व उसके पुत्र आर्दश को जान से मारने की नियत से मारपीट कर हत्या करने व सीमाबाई, थावरीबाई व माला खदेड़ा को भी मारपीट कर गंभीर चोटे पहुंचाने के अपराध में धारा 302,307,450,120बी, 34 भादवि की एफआईआर दर्ज की गई।

जाँच के दौरान तुलसीबाई उसकी पुत्री माया उसके दोनों नाबालिक पुत्र पवन व अजय पलासिया तथा उसके जेठ के पुत्र राहुल उसके भाई विक्रम खराड़ी उसकी छोटी बहन सागर खराड़ी को गिरफ्तार कर सम्पूर्ण विवेचना पूर्ण कर इनके विरुद्ध दिनांक 20.05.21 को चालान न्यायालय में पेश किया।
मृतक आदर्श मृतक राजाराम का पुत्र था तथा राजाराम आरोपी तुलसीबाई, विक्रम व सागर का भाई था तथा घायल थावरीबाई इनकी मां, मृतक राजाराम रतलाम में होम्योपैथीक डाक्टर था व उसकी पत्नी जिला
चिकित्सालय रतलाम में स्टाफ नर्स।

Author: Naradh News24
प्रधान संपादक



