जमीन विवाद में हुई थी भाई की हत्या, तीन को आजीवन कारावास

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👇 लिसन न्यूज़

माता के नाम की भूमि के बटवारे को लेकर चल रहे विवाद में सगे भाई, भतीजे व चचेरे भाई ने नो माह पहले की थी हत्या, न्यायालय सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव की न्यायालय ने अभियुक्तगण राजू पिता गोबा गरवाल, उम्र-24 वर्ष, तेलिया पिता दुलजी गरवाल, उम्र-49 वर्ष, गोबा पिता पूना गरवाल, उम्र-52 वर्ष, सभी निवासी-ग्राम उमर बट्टा, पुलिस थाना-रावटी, जिला-रतलाम को आजीवन कारावास व 15 हजार रूपये के जुर्माने से दंडित किया। अन्य खबरों के लिए 👇 👇 https://youtube.com/@mpnationalnews24

प्रकरण में पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि दिनांक 21.05.2025 की रात्रि को फरियादी रामचन्द्र गरवाल एवं उसकी पत्नी ऐता बाई घर के बाहर सो रहे थे, लगभग रात्रि 11:30 बजे अभियुक्तगण गोबा उसका लड़का राजू और तेलिया पुरानी रंजिश को लेकर रामचंद्र के घर लट्ठ लेकर आए और लाठियों से रामचंद्र के साथ जान से मारने की नीयत से मारपीट करने लगे। मारपीट से रामचन्द्र के सिर में, दोनों हाथों पर और पीठ पर चोट व रामचन्द्र की पत्नी ऐता बाई को सिर में, पीठ पर, गर्दन पर चोट आई। रामचंद की चिल्लाचोंट की आवाज सुनकर उसका छोटा भाई पेमा और उसका जमाई राजेश वहा आ गए तो तीनो अभियुक्तगण मारपीट कर वहा से भाग गए उसके बाद रामचन्द्र व ऐता बाई को इलाज के लिए रावटी अस्पताल ले गए, रावटी से उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर कर दिया गया। रावटी हॉस्पिटल से मारपीट की सूचना रावटी थाने पर भेजने पर रावटी थाने से प्रधान आरक्षक आतिश धानक मेडीकल कालेज रतलाम पहुंचे जहा उन्हें जानकारी मिली कि रामचंद्र व उसकी पत्नी को सीटी स्क्रैन के लिए सिविल अस्पताल रतलाम भेजा है। प्रधान आरक्षक आतिश धानक ने सिविल अस्पताल रतलाम में सीटी स्क्रैन सेंटर पर ही एंबुलेंस के अन्दर स्ट्रेक्चर पर रामचंद्र की रिपोर्ट लिखी और उसका वीडियो भी अपने मोबाइल से बनाया। मेडिकल कालेज रतलाम में इलाज के दौरान रामचन्द्र की मृत्यु हो गई। रावटी थाने पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद तीनो अभियुक्तगण को थाना प्रभारी दीपक मंडलोई द्वारा गिरफ्तार कर उनसे पूछताज कर घटना में प्रयुक्त लाठियां व उनके खून लगे हुए कपड़े जप्त कर जांच उपरांत आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

सजा के आधार:-

• रिपोर्ट लिखाते समय मृतक रामचंद्र ने जो घटना बताई थी उसके वीडियो को न्यायालय ने रामचंद्र का मृत्युकालीन कथन माना।

• मृतक रामचंद्र के शरीर पर डॉक्टर ने पीएम के समय 16 चोटे पाई।

•अभियुक्तगणों से जप्त लाठियों, कपड़े व मृतक रामचंद्र के कपड़ों में FSL जांच में समान DNA प्राप्त हुआ।

•पीएमकर्ता डॉक्टर प्रदीप मिश्रा ने अभियुक्तगणों से जप्त लाठियों के समान हथियार से ही मृतक रामचंद्र की चोटे आने का अभिमत दिया।

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तीनो अभियुक्तगण गिरफ्तारी दिनांक 24.05.2025 से ही जेल में है। पुलिस अधीक्षक द्वारा इस प्रकरण को चिन्हित व सनसनीखेज घोषित किया गया था। न्यायालय में अभियोजन की ओर से 11 गवाह, 68 दस्तावेज व 33 आर्टिकल प्रस्तुत किए गए। न्यायालय को प्रकरण प्राप्त होते ही 06 माह में निर्णय पारित किया।

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