रतलाम टोल प्लाजा पर दबंगई का आरोप: भाजपा युवा मोर्चा आईटी सेल प्रभारी शुभम गुर्जर पर धमकी, गाली-गलौज और राजस्व नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप

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टोल मैनेजर की शिकायत के बाद पुलिस जांच तेज, ऑडियो रिकॉर्डिंग और पुराने प्रकरणों के आधार पर कार्रवाई की मांग — प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के पालन पर उठे सवाल

 

नारद न्यूज़ 24 | रतलाम
रतलाम जिले के चिकलिया फोरलेन टोल प्लाजा पर कथित दबंगई, धमकी और सरकारी नियमों में हस्तक्षेप का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था, कानून व्यवस्था और टोल नीति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टोल प्लाजा मैनेजर अरिजीत दास गुप्ता द्वारा भारतीय जनता युवा मोर्चा के आईटी सेल प्रभारी शुभम गुर्जर के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शुभम गुर्जर ने फोन पर टोल कर्मचारियों को धमकाया, गाली-गलौज की और बिना शुल्क गाड़ियां निकलवाने का दबाव बनाया।

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बताया जा रहा है कि 18 मई को दोपहर लगभग 3 बजे शुभम गुर्जर ने टोल मैनेजर को फोन कर कथित रूप से कहा कि यदि “लोकल” गाड़ियों को नहीं छोड़ा गया तो टोल प्लाजा पर आकर विवाद करेंगे। बातचीत के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने, अधिकारियों को “उल्टा टांग देने” और एसपी-टीआई के पास भागने जैसी भाषा का उपयोग किया गया। पूरी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग टोल प्रबंधन द्वारा पुलिस को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
नियमों के खिलाफ दबाव बनाने का आरोप
टोल मैनेजर ने अपनी शिकायत में स्पष्ट कहा कि MPRDC नियमों के अनुसार केवल निर्धारित श्रेणी के वाहनों को ही छूट दी जा सकती है, लेकिन आरोपी कथित रूप से बाहरी जिलों की गाड़ियों को भी बिना शुल्क निकलवाने का दबाव बना रहा था। शिकायत में दावा किया गया है कि प्रतिदिन लगभग 100 गाड़ियों को दबाव और रसूख के दम पर बिना टोल शुल्क पार कराया जाता है, जिससे सरकारी राजस्व को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।

टोल कर्मचारियों में भय का माहौल
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी द्वारा पूर्व में भी टोल प्लाजा पर विवाद और धमकी की घटनाएं की जा चुकी हैं। पुराने मामलों का हवाला देते हुए प्रबंधन ने कहा कि स्टाफ भय और असुरक्षा के वातावरण में काम कर रहा है। कर्मचारियों को आशंका है कि नियमों का पालन कराने पर उनके साथ मारपीट या झूठे प्रकरण दर्ज कराने जैसी स्थिति बन सकती है।
प्रशासन और कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह पूरा मामला केवल एक व्यक्ति और टोल प्रबंधन के बीच विवाद नहीं माना जा रहा, बल्कि यह प्रशासनिक अधिकार, सरकारी राजस्व सुरक्षा और कानून के समान पालन का मुद्दा बन गया है। यदि कोई भी व्यक्ति राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव के दम पर नियमों को चुनौती देता है, तो इससे आम जनता में गलत संदेश जाता है और शासन व्यवस्था कमजोर होती दिखाई देती है।

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आम जनता के लिए महत्वपूर्ण सलाह
नारद न्यूज़ 24 आम नागरिकों से अपील करता है कि —
टोल प्लाजा या किसी भी सरकारी व्यवस्था पर नियमों का पालन करें।
विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय संबंधित विभाग में शिकायत करें।
धमकी, दबाव और गाली-गलौज जैसी घटनाएं समाज में अराजकता बढ़ाती हैं।
राजनीतिक प्रभाव या पहचान का उपयोग कर सरकारी नियम तोड़ना दंडनीय हो सकता है।
किसी भी टोल या प्रशासनिक समस्या का समाधान कानूनी प्रक्रिया से ही निकालें।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
टोल प्रबंधन द्वारा बिलपांक थाना और रतलाम एसपी कार्यालय में शिकायत के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी गई है। मामले में सरकारी कार्य में बाधा, धमकी, गाली-गलौज और राजस्व हानि जैसी धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है। अब पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
हाईलाइट पॉइंट्स👇👇👇

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टोल मैनेजर को फोन पर कथित धमकी
“लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ दूंगा” जैसे शब्दों का उपयोग
बिना टोल गाड़ियां निकलवाने का आरोप
सरकारी राजस्व को लाखों का नुकसान बताने का दावा
टोल कर्मचारियों में भय का माहौल
पुलिस को ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी गई
सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग
Naradh News24
Author: Naradh News24

प्रधान संपादक

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