Ratlam। जिले में आम नागरिकों को समय पर शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रभावी पालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। निर्धारित समयसीमा में प्रकरणों का निराकरण नहीं करने वाले 9 राजस्व अधिकारियों पर कुल 9,500 रुपये का अर्थदंड लगाकर यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

कलेक्टर द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2010 के तहत की गई इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन का मानना है कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक लाभ तभी आम नागरिकों तक पहुंचेगा, जब अधिकारी तय समयसीमा में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
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जांच के दौरान जिले की विभिन्न तहसीलों एवं नायब तहसीलदार न्यायालयों में 38 प्रकरण समयसीमा से बाहर पाए गए। इनमें टप्पा बड़ावदा, सैलाना, रावटी, रतलाम शहर (पश्चिम भाग), जावरा, टप्पा ढोढर, आलोट, टप्पा शिवगढ़ तथा पिपलौदा क्षेत्र शामिल रहे। समय पर प्रकरणों का निराकरण नहीं होने से नागरिकों को सेवाओं के लिए अनावश्यक इंतजार करना पड़ा, जिसे अधिनियम का उल्लंघन माना गया।

कलेक्टर मिशा सिंह ने अधिनियम की धारा 7(1)(क) के तहत संबंधित अधिकारियों पर अर्थदंड लगाया। सबसे अधिक 5,000 रुपये का जुर्माना जावरा तहसीलदार सहदेव मौरे पर 20 लंबित प्रकरणों के कारण लगाया गया। इसके अलावा टप्पा बड़ावदा के नायब तहसीलदार भगवान सिंह ठाकुर तथा रतलाम शहर (पश्चिम भाग) के नायब तहसीलदार ऋषभ ठाकुर पर 1-1 हजार रुपये सहित अन्य अधिकारियों पर भी नियमानुसार अर्थदंड अधिरोपित किया गया।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराना है। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण आमजन को परेशानी होती है तो उसके विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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जिले में कलेक्टर मिशा सिंह की इस कार्रवाई को प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन स्थापित करने और आम जनता के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे स्पष्ट हो गया है कि अब समयसीमा की अनदेखी करने वाले अधिकारियों को जवाबदेही से बचने का अवसर नहीं मिलेगा।

खबर की प्रमुख बातें (Highlights)
✔ 9 राजस्व अधिकारियों पर कुल ₹9,500 का अर्थदंड
✔ 38 प्रकरण समयसीमा से बाहर पाए गए
✔ लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2010 के तहत कार्रवाई
✔ जनता को समय पर सेवाएं देने के निर्देश
✔ कलेक्टर मिशा सिंह का स्पष्ट संदेश—लापरवाही बर्दाश्त नहीं
थंबनेल टेक्स्ट
“कलेक्टर मिशा सिंह के सख्त तेवर”
9 अधिकारियों पर जुर्माना
“जनता के काम में लापरवाही पड़ी भारी”
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Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


