रतलाम न्यायालय का फैसला, प्रत्येक पर 40-40 हजार रुपये जुर्माना, पीड़ित दंपति को मिलेगा 1 लाख रुपये प्रतिकर।
रतलाम, 4 अगस्त। महू-नीमच फोरलेन पर दंपति के साथ मारपीट कर डकैती करने के बहुचर्चित प्रकरण में सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 40-40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने जुर्माने की राशि में से 1 लाख रुपये पीड़ित दंपति को प्रतिकर के रूप में देने के भी आदेश दिए हैं।
https://www.youtube.com/@naradhnews2424
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि घटना 26 जून 2024 की रात करीब 11 बजे की है। फरियादी अनिल उपाध्याय अपनी पत्नी सरिता उपाध्याय के साथ बालाजी हनुमान मंदिर से दर्शन कर महू-नीमच फोरलेन मार्ग से लौट रहे थे। नोबल स्कूल के आगे दो मोटरसाइकिलों पर सवार बदमाशों ने उनकी बाइक के सामने वाहन लगाकर उन्हें गिरा दिया।
इसके बाद आरोपियों ने दंपति के साथ डंडे, पत्थर और हाथ-मुक्कों से मारपीट करते हुए खेत में घसीट लिया। आरोपियों ने महिला के सोने के आभूषण, मंगलसूत्र, चांदी की पायल, मोबाइल फोन, पर्स तथा 20 हजार रुपये नकद सहित अन्य दस्तावेज लूट लिए। जाते समय आरोपियों ने चाकू होने की धमकी देते हुए घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

घटना के बाद घायल दंपति किसी तरह पास के पेट्रोल पंप पहुंचे, जहां से डायल-100 को सूचना दी गई। उपचार के बाद अगले दिन पुलिस चौकी सालाखेड़ी में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कराया गया।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
तत्कालीन सालाखेड़ी चौकी प्रभारी मुकेश यादव ने मुखबिर की सूचना पर सबसे पहले राकेश पिता रामचन्द्र चन्द्रवंशी (24) निवासी ग्राम कल्याणपुरा को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपी विकास उर्फ विक्की पिता कैलाश चौहान (22), दिलीप पिता देवी सिंह परमार (27), संजय पिता कैलाश चौहान (24), वीरेन्द्र पिता राधेश्याम परमार (24), रवि पिता शांतिलाल परमार (24) तथा विक्रम पिता बाबूलाल बोडाना (30), सभी निवासी ग्राम कल्याणपुरा, थाना भाटपचलाना, जिला उज्जैन को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया सामान बरामद किया गया। जेल में आयोजित पहचान परेड तथा न्यायालय में सुनवाई के दौरान भी फरियादी अनिल उपाध्याय एवं उनकी पत्नी सरिता उपाध्याय ने सातों आरोपियों की पहचान डकैती करने वालों के रूप में की।
https://youtube.com/@mpnationalnews24
सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने सातों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 40-40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। फैसला सुनाए जाने के बाद जमानत पर चल रहे सभी दोषियों को न्यायालय से सीधे जेल भेज दिया गया।
दोषी आरोपी
राकेश पिता रामचन्द्र चन्द्रवंशी (24)
विकास उर्फ विक्की पिता कैलाश चौहान (22)
दिलीप पिता देवी सिंह परमार (27)
संजय पिता कैलाश चौहान (24)
वीरेन्द्र पिता राधेश्याम परमार (24)
रवि पिता शांतिलाल परमार (24)
विक्रम पिता बाबूलाल बोडाना (30)
सुनवाई करने वाले न्यायाधीश:
राजेश नामदेव, सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश, रतलाम।
पैरवीकर्ता:
समरथ पाटीदार, अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता।
— नारद न्यूज़24
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


