2019 में मात्र ₹20 हजार मार्जिन मनी पर मिले थे फ्लैट, 7 साल बाद भी ₹1.80 लाख जमा नहीं करने वालों पर कार्रवाई; विरोध के बीच पूर्व महापौर पारस सकलेचा की तबीयत बिगड़ी।

रतलाम। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आवंटित फ्लैटों में लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं करने वाले हितग्राहियों के खिलाफ नगर निगम ने बुधवार को एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। निगम आयुक्त अनिल भाना के नेतृत्व में पुलिस बल, राजस्व अमले और निगम अधिकारियों की मौजूदगी में बकायादार फ्लैटों को खाली कराकर सील करने की कार्रवाई की गई। इस दौरान कई स्थानों पर हंगामा हुआ, विरोध प्रदर्शन हुए और कुछ हितग्राहियों ने मौके पर ही बकाया राशि जमा कर बेदखली से राहत प्राप्त की।

यह मामला पिछले कई दिनों से शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। कार्रवाई के खिलाफ प्रभावित परिवार लगातार विरोध कर रहे हैं, वहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा भी गरीब हितग्राहियों के पक्ष में आवाज उठाई जा रही है। दूसरी ओर नगर निगम का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया, नोटिस और पर्याप्त समय देने के बावजूद अधिकांश हितग्राही निर्धारित राशि जमा नहीं कर रहे थे, इसलिए कार्रवाई आवश्यक हो गई।।

मौके पर पहुंचे पूर्व महापौर, विरोध के बीच बिगड़ी तबीयत
कार्रवाई की सूचना मिलते ही पूर्व महापौर पारस सकलेचा मौके पर पहुंचे और निगम प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे गरीबों के साथ अन्याय बताया। विरोध और बहस के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों में इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

ऑटो से तीन बार उतरवाया सामान
कार्रवाई के दौरान अजय बोरासी अपने घर का सामान ऑटो में भरकर ले जा रहे थे। निगम अमले ने नियमों के तहत ऑटो से तीन बार सामान उतरवाया। इससे परिवार काफी परेशान नजर आया। बाद में परिजन सामान लेकर वहां से रवाना हुए।
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मौके पर ही जमा हुई बकाया राशि
कार्रवाई के दौरान निगम इंजीनियर राजेश पाटीदार सहित अधिकारियों ने निर्मला बालिया समेत लगभग एक दर्जन हितग्राहियों से मौके पर ही बकाया राशि जमा करवाई। राशि जमा करने वाले हितग्राहियों को तत्काल राहत देते हुए उनके फ्लैट सील नहीं किए गए और उन्हें बेदखल नहीं किया गया। अन्य अपडेट 👇 👎
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सुरक्षित निकाला गया घरेलू सामान
नगर निगम की टीम के साथ मैकेनिक भी मौजूद रहे, जिन्होंने टीवी, पंखे, कूलर तथा अन्य बिजली उपकरणों को सुरक्षित तरीके से निकालकर बाहर रखा, ताकि किसी प्रकार का नुकसान न हो।
2019 में मिली थीं चाबियां, अब शुरू हुई सख्ती
नगर निगम के अनुसार वर्ष 2019 में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले 208 पात्र हितग्राहियों को महिलाओं के नाम पर मात्र ₹20 हजार मार्जिन मनी लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैटों की चाबियां सौंपी गई थीं। प्रत्येक हितग्राही को शेष लगभग ₹1.80 लाख की राशि जमा करनी थी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में हितग्राहियों ने भुगतान नहीं किया।

आयुक्त अनिल भाना ने बताया कि प्रत्येक फ्लैट पर सरकार का लगभग ₹7 लाख खर्च आया है। बार-बार नोटिस देने, समझाइश और समय सीमा बढ़ाने के बावजूद राशि जमा नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो हितग्राही बकाया जमा कर देंगे, उनके मामलों में नियमानुसार राहत दी जाएगी।

पुराना विवाद, नया मोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना की यह कार्रवाई पिछले कई दिनों से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बनी हुई है। इससे पहले भी प्रभावित हितग्राहियों ने मंत्री निवास, नगर निगम और कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर कार्रवाई रोकने की मांग की थी। अब एक बार फिर निगम की कार्रवाई ने इस पूरे मामले को शहर की सबसे बड़ी चर्चाओं में ला दिया है।

फिलहाल प्रशासन अपने निर्णय पर कायम है, जबकि प्रभावित परिवार राहत की मांग कर रहे हैं। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


