नारद न्यूज 24
दो सांडों की लड़ाई में बुजुर्ग महिला की हुई मौत
नगर पालिका निगम के उदासीनता के चलते खुले नाले,,शहर में शेर जैसे घूमते कुत्ते एवं आवारा पशु व सांड इधर-उधर हमेशा घूमते रहते हैं। इससे सड़कों पर आवागमन बाधित होता है, वहीं लोगों को उनसे बचने के लिए मशक्कत करना पड़ती है। प्रशासन दो-तीन वर्ष में एक बार कुछ दिन के अभियान चलाकर पशुओं को पकड़ता है तथा उनके मालिकों पर कार्रवाई करता है तथा कुछ दिन बाद अभियान समाप्त हो जाता है।खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। टाटानगर गली नंबर चार में दो सांडों की लड़ाई में एक महिला की मौत हो गई।
उसके स्वजन ने प्रशासन से पशुओं व सांडों के सड़कों पर घूमने पर प्रतिबंध लगाने तथा पशुओं को लावारिस छोड़ने वाले उनके मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार सांडों की लड़ाई में 60 वर्षीय शांताबाई पत्नी मदनलाल चौहान निवासी टाटा नगर गली नंबर चार की जान चली गई। उनके पति मदनलाल चौहान ने मीडिया को बताया कि पत्नी शांताबाई शुक्रवार शाम सात से साढे सात बजे के बीच घर के सामने नाले के पास बैठकर बाटी सेक रही थी। तभी दो सांड लडते हुए आए तथा एक सांड ने शांताबाई को नाले में गिरा दिया, इसके बाद सांड उनके ऊपर गिर गया। इससे शांताबाई को शरीर में अंदरूनी चोट आई और एक पैर फैक्चर हो गया।शनिवार सुबह वे पत्नी को लेकर एक निजी अस्पताल में पहुंचे तो डाक्टर ने एक्सरे कराकर बताया कि सीधे पैर में फैक्चर है, इलाज में करीब 25 हजार रुपये खर्च होंगे। वे मजदूरी करते हैं,
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इस कारण उनके पास इतने रुपये नहीं थे। वे पत्नी को घर ले गए और दोपहर तीन बजे ट्रेन से इलाज के लिए पत्नी को बड़ोदरा (गुजरात) ले जाने वाले थे।इसके पहले ही सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे शांताबाई की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। वे उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक शांताबाई की मौत हो चुकी थी। डाक्टर ने परीक्षण कर मृत घोषित किया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज भिजवाया गया
लव के विवाद मेसेफ गौ वंश को जिंदा जलाया।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


