रतलाम 1466 हेक्टर भूमि में 35000 को रोजगार, निजी जमीन इकाई से बाहर,,,

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कलेक्ट्रेट में बैठक संपन्न रतलाम/ निवेश क्षेत्र में बढ़ते कदम पर कोई भी किसान की निजी भूमि नहीं ली जाएगी, अब तक 3000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, मंत्री श्री काश्यप की सक्रिय पहल से निवेश क्षेत्र में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना ।

 

रतलाम,16 नवंबर(नारद न्यूज 24)। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप की सक्रिय पहल से रतलाम निवेश क्षेत्र की 1466 हेक्टर भूमि में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होने जा रही है जिनसे करीब 35 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। निवेश क्षेत्र में किसी की भी निजी भूमि नहीं ली जाएगी, यह सुनिश्चित किया गया है। उक्त जानकारी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शनिवार को आयोजित बैठक में दी गई।

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बैठक में कलेक्टर राजेश बाथम, कार्यकारी संचालक मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम राजेश राठौर, अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, एसडीएम अनिल भाना तथा निवेश क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 1, पलसोढी, 2,बिबड़ोद, 3,जुलवानिया, 4,सरवनीखुर्द, 5,जामथुन, 6,रामपुरिया ग्रामों की संबंधित गणमान्य पंचायतों के सरपंच, पंच, सचिव, पटवारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आदि चयनित ग्रामीण उपस्थित थे।

एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक राठौर ने बैठक में बताया कि निवेश क्षेत्र के 6 ग्रामों में 1466 हेक्टेयर भूमि में अभी 260 करोड रुपए का इंफ्रास्ट्रक्चर विकास किया जा रहा है। निवेश क्षेत्र में जील, यूटीएल सोलर, गोल्ड क्रस्ट आदि कंपनियों के लगभग 3 हजार करोड रुपए निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनसे करीब 5 हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। यूटिएल द्वारा सोलर उपकरण, सेल बैट्री आदि निर्माण की फैक्ट्री लगाई जाएगी। जील द्वारा छाता निर्माण किया जाएगा, साइट्रिक एसिड बनाने वाली गोल्ड क्रस्ट कंपनी भी फैक्ट्री लगाने जा रही है।

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निवेश क्षेत्र में आ रहे विभिन्न प्रोजेक्ट की वास्तविक जानकारियां स्थानीय बांशंदो को उपलब्ध कराने एवं शंकाओं के समाधान हेतु आयोजित की गई उक्त बैठक में बताया गया कि औद्योगिक निवेश क्षेत्र में अनुमानित रूप से कम से कम 10 हजार करोड रुपए का निवेश आ रहा हैश करीब 350 विभिन्न औद्योगिक इकाइयां क्षेत्र में स्थापित होगी जिनसे क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के साथ वृहद स्तर पर रोजगार का सृजन होगा। निवेश क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट को उचित ढंग से उपचारित एवं निष्पादित किया जाएगा जिसमें पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया इकाई से बाहर गया है।

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