भोपाल मीडिया रिपोर्ट से नारद न्यूज़ को प्राप्त जानकारी के अनुसार । आज 16 दिसम्बर को राजधानी भोपाल में नाटकीय अंदाज में कांग्रेस का बिना घेराव किए प्रदर्शन खत्म करने पर कार्यकर्ता निराश हो गए।
मंच से गिरफ्तार हो कर रिहा हुए कांग्रेसी में शामिल मुख्य पद प्रतिष्ठित।
मनोज परमार के परिवार से मिलने रवाना हुए ये नेता राजधानी भोपाल में आज कांग्रेस 50 हजार कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा घेराव करने निकली थी। लेकिन बिना घेराव किए ही कांग्रेस नेताओं ने मंच से अपनी गिरफ्तारी दे दी और इसी के साथ प्रदर्शन खत्म हो गया। बिना विधानसभा घेराव किए आंदोलन खत्म होने पर कार्यकर्ता निराश हो गए।
कमलनाथ, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार समेत कई बड़े नेता दिल्ली से आए नेताओं के साथ सीहोर के लिए रवाना हो गए, जहां वे कारोबारी मनोज परमार के परिवार से मुलाकात करेंगे। कुछ दिन पहले मनोज परमार, नेहा परमार ने ईडी, सीबीआई पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर आत्महत्या की थी।
नाटकीय अंदाज में कांग्रेस का बिना घेराव किए प्रदर्शन खत्म करने पर कार्यकर्ता निराश हो गए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) सचिव कुणाल चौधरी ने कहा, “प्रशासन ने कहा कि हमारे लिए जेलों में जगह नहीं है। प्रशासन का इनपुट था। भाजपा अराजकता फैलाना चाहती है। इसलिए हमने जनता की आवाज मंच से उठाई। हमारा घेराव का कार्यक्रम तय था।”


