पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा गया, 4 साल की सजा पाई।
उज्जैन में भ्रष्टाचार पर करारी चोट: रिश्वत लेते पकड़े गए पटवारी को हुईं चार साल की सजा।।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत उज्जैन जिले के ग्राम मंगरोल के तत्कालीन पटवारी रमेश चंद बामनिया को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया और विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, उज्जैन द्वारा चार वर्ष का सश्रम कारावास और पांच हजार रुपए के जुर्माने से दंडित कर भेरूगढ़ जेल भेज दिया गया।
प्रकरण में पीड़ित लाखन सिंह पवार द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन के निर्देशन में कार्यवाही की गई। उप पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह ठाकुर के नेतृत्व में शिकायत की गहराई से जांच की गई। शिकायतकर्ता को शासकीय वॉइस रिकॉर्डर प्रदान कर रिश्वत की बातचीत रिकॉर्ड कराई गई, जिसके प्रमाण के आधार पर दिनांक 23.01.2019 को विधिवत ट्रैप की योजना बनाई गई।
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उसी दिन पटवारी रमेश चंद बामनिया को ₹2500 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। मौके पर आरोपी के हाथ धुलने पर घोल का रंग गुलाबी पाया गया, जो फिनाफ्थलीन परीक्षण में रिश्वत लेन-देन की पुष्टि करता है। साथ ही, वॉइस रिकॉर्डिंग में दर्ज वार्ता और आरोपी की आवाज की संभावित समानता ने साक्ष्यों को और मज़बूत किया।
सरपंच के खिलाफ़ की कारवाही,👇👇
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प्रकरण की विवेचना निरीक्षक दिनेश रावत एवं निरीक्षक राजेंद्र वर्मा द्वारा की गई तथा चालान विशेष न्यायालय में निरीक्षक दीपक सेजवार द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में अभियोजन पक्ष का संचालन विशेष लोक अभियोजक श्री मनोज कुमार पाठक (DPO) द्वारा किया गया।
इस निर्णय ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त कोई भी अधिकारी अब कानून के शिकंजे से नहीं बच सकेगा।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक



